नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल को टेलीकॉम सेवाओं से संबंधित अधिकारों का इस्तेमाल करने की मंजूरी दी है। इन अधिकार में सार्वजनिक सुरक्षा या राष्ट्रीय आपात स्थितियों के दौरान दूरसंचार सेवाओं पर नियंत्रण, सिग्नल इंटरसेप्शन, सेवा निलंबन और संदेशों के डिक्रिप्शन जैसी सुविधाओं का प्रबंधन शामिल है।
आदेश के अनुसार, राष्ट्रपति ने उपराज्यपाल को संविधान के अनुच्छेद 239 के तहत केंद्र शासित प्रदेश में राज्य सरकार के अधिकारों का प्रयोग करने का निर्देश दिया है। यह अधिकार दूरसंचार अधिनियम, 2023 (44 ऑफ 2023) की धारा 20(2) के तहत दिए गए हैं, जो सार्वजनिक सुरक्षा और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मामलों में लागू होते हैं।
इस फैसले से उपराज्यपाल को क्या अधिकार मिलेंगे?
- इन अधिकारों के तहत उपराज्यपाल किसी भी आपात स्थिति या सार्वजनिक सुरक्षा के हित में सेवाओं को बंद करने का आदेश जारी कर सकते हैं।
- इंटरसेप्शन यानी कॉल या मैसेज की निगरानी की अनुमति दे सकते हैं
- मैसेजों के डिक्रिप्शन का आदेश दे सकते हैं
- टेलीकॉम सेवाओं को निलंबित कर सकते हैं।
सरकार ने क्यों लिया यह फैसला?
- जम्मू-कश्मीर की संवेदनशील सुरक्षा स्थिति को ध्यान में रखते हुए
- आतंकवाद और बॉर्डर पार हो रही गतिविधियों पर नजर रखने के लिए
- अमरनाथ यात्रा जैसे बड़े आयोजनों में सुरक्षा व्यवस्था के लिए
- दंगों, हिंसा या आपात हालात में तुरंत नियंत्रण










































