अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपनी ट्रुथ सोशल प्लेटफॉर्म पर रेडियो होस्ट माइकल सैवेज के एक विवादास्पद रैंट को दोबारा शेयर किया है। इसमें भारत और चीन को ‘hell-hole’ (नरक जैसी जगह) करार दिया गया है।
सैवेज ने जन्मसिद्ध नागरिकता की आलोचना करते हुए कहा कि कुछ लोग गर्भावस्था के नौवें महीने में अमेरिका आकर बच्चे को जन्म देते हैं। बच्चा तुरंत अमेरिकी नागरिक बन जाता है और बाद में पूरे परिवार को चीन, भारत या किसी अन्य ‘नरक जैसी जगह’ से बुला लेता है। ट्रंप ने इस पोस्ट को शेयर कर अपनी आव्रजन नीति की कड़ी को दोहराया।
ट्रंप ने खुद ये शब्द नहीं लिखे, लेकिन सैवेज के रैंट को बढ़ावा देकर इसका समर्थन किया है। यह पोस्ट ‘एंकर बेबी’ और ‘बर्थ टूरिज्म’ की समस्या पर केंद्रित है, जिसमें परिवार आधारित आव्रजन को बढ़ावा मिलता है।
अमेरिका में 14वें संविधान संशोधन के तहत जन्म के आधार पर नागरिकता मिलती है। ट्रंप लंबे समय से इसे सीमित करने की कोशिश कर रहे हैं, खासकर उन मामलों में जहां माता-पिता अमेरिकी नागरिक या स्थायी निवासी नहीं हैं। यह मुद्दा फिलहाल सुप्रीम कोर्ट में भी विचाराधीन है।
भारत में इस बयान पर सोशल मीडिया और मीडिया में नाराजगी है। कई लोगों ने इसे अपमानजनक बताया है। हालांकि, विशेषज्ञों का कहना है कि ट्रंप का मुख्य निशाना अवैध आव्रजन और बर्थ टूरिज्म पर है। भारत-अमेरिका के बीच मजबूत रणनीतिक, आर्थिक और टेक्नोलॉजी संबंध बने हुए हैं।








































