काठमांडू: नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन शाह सियासी संकट में फंसते नजर आ रहे हैं। उनकी सरकार में शामिल कम से कम दो मंत्रियों ने इस्तीफा दे दिया है, जबकि एक अन्य मंत्री की कुर्सी पर तलवार लटक रही है। ऐसी घटनाएं तब हो रही हैं, जब बालेन शाह को प्रधानमंत्री बने एक महीने ही पूरे हुए हैं। ऐसे में विशेषज्ञों का मानना है कि नेपाल के मौजूदा हालात प्रधानमंत्री बालेन शाह के लिए अग्निपरीक्षा से कम नहीं हैं। अगर उनकी सरकार कार्यकाल पूरा करती है तो वह एक इतिहास रचेगी, जो नेपाल के इतिहास में पहले कभी नहीं हुआ है। लेकिन, इसके लिए बालेन शाह को कई मुश्किलों का सामना करना होगा, जिसमें सबसे बड़ा लोगों का वो भरोसा है, जिसके कारण उन्होंने नई सरकार चुनी है।
नेपाली संसद का सत्र निलंबित
नेपाल के राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल ने हाल में ही नेपाल सरकार की सिफारिश पर विशेष कारणों का हवाला देते हुए संसद के दोनों सदनों का सत्र निलंबित कर दिया था। यह सत्र 30 अप्रैल से आयोजित किया जाना था। राष्ट्रपति ने नेपाली संसद के सत्र को निलंबित करने का ऐलान तब किया, जब एक दिन पहले ही गृहमंत्री सुदान गुरुंग ने एक व्यापारी के साथ कथित संबंधों को लेकर इस्तीफा दिया था। गुरुंग ने अपनी नियुक्ति के एक महीने से भी कम समय में इस्तीफा दे दिया था। उनकी एक विवादित व्यवसायी के साथ कथित निवेश और शेयर लेन-देन को लेकर आलोचना की जा रही थी। गुरुंग ही वो शख्स थे, जिन्होंने गृहमंत्री बनने के अगले ही दिन नेपाल के पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली और पूर्व गृहमंत्री रमेश लेखक को Gen Z विरोध प्रदर्शनों के दौरान हुई मौतों में उनकी कथित भूमिका के लिए गिरफ्तार कराया था।










































