बम्हनी में प्रशासन का चला बुलडोजर, वर्षों पुराना जल निकासी विवाद सुलझा

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लालबर्रा। नगर मुख्यालय से लगभग ४ किमी दूर स्थित ग्राम पंचायत बम्हनी में शनिवार को प्रशासन का सख्त रूख देखने को मिला। विगत कई वर्षों से गांव के रूढिग़त जल (पानी) निकासी मार्ग (नाली) को लेकर चल रहे विवाद का अंत करते हुए राजस्व एवं पुलिस विभाग की संयुक्त टीम ने जेसीबी मशीन के माध्यम से अवैध निर्माण को जमींदोज कर दिया। इस कार्यवाही के साथ ही ग्रामीणों को जल भराव की समस्या से मुक्ति मिल गई है। वहीं अतिक्रमण हटाने की कार्यवाही के दौरान पीडित चिंतामन तुमसरे एवं लक्ष्मण तुमसरे के द्वारा इस कार्यवाही का विरोध करते हुए कहा कि ये हमारी नीजि भूमि है जिसे पूर्व में खरीदे है, पानी निकासी नही होने देगें किन्तु प्रशासन ने न्यायालय का आदेश का पालन करते हुए पक्के अतिक्रमण पर बुलडोजर चला दिया और वर्षोंसे जल निकासी के विवाद को सुलझा दिया है।

जानकारी के अनुसार, ग्राम बम्हनी निवासी चिंतामन तुमसरे एवं उनके भाई लक्ष्मण तुमसरे के द्वारा गांव के पारंपरिक (रूढिग़त) जल निकासी मार्ग (नाली) के ऊपर पक्का निर्माण कर लिया गया था। इस अतिक्रमण के कारण पानी की निकासी बाधित हो रही थी, जिससे बरसात के समय गांव में जल भराव की स्थिति निर्मित हो जाती थी। इस अवरोध को लेकर लंबे समय से ग्रामीणों और संबंधित पक्ष के बीच विवाद की स्थिति बनी हुई थी और यह विवाद करीब ३ वर्ष से चल रहा था। जिसमें चिंतामन तुमसरे एवं लक्ष्मण तुमसरे का कहना था कि जिस स्थान से पानी निकासी करने की बात कही जा रही है वह हमारी नीजि भूमि है, पानी निकासी नही होने देगें। लेकिन ग्रामीणों का कहना था कि चिंतामन एवं लक्ष्मण तुमसरे के मकान के समीप से बनी नाली से पूर्वजों के समय से कुछ ग्रामीणों के घरों एवं बारिश का पानी की निकासी होते आ रहा है। लेकिन करीब ३ वर्ष पूर्व चिंतामन व लक्ष्मण तुमसरे के द्वारा पानी निकासी की नाली को बंद कर उसके ऊपर से निर्माण कर दिया गया था। वहीं इस बंद नाली को खुलवाने के लिए कई बार प्रशासनिक अधिकारी भी मौके स्थल पर पहुंचकर ग्रामीणों के साथ स्थल निरीक्षण कर चिंतामन एवं लक्ष्मण तुमसरे को समझाईश भी दी कि पारंपरिक (रूढिगत) जल निकासी नाली है। जिससे बंद किये हो उसे खोल देवें लेकिन वे अपनी मांगों पर अडिंग रहा। जिसके चलते करीब ३ वर्ष से यह जल निकासी नाली का विवाद चलते रहा क्योंकि चिंतामन व लक्ष्मण तुमसरे दोनों भाई अपने मकान के अंदर से पानी निकासी नही होने देना चाह रहे थे। लेकिन ग्रामीणजनों व राजस्व रिकार्ड के अनुसार पूर्व से उसी स्थान से पानी निकासी होते आ रहा था। लेकिन ३ वर्ष पूर्व उसे बंद कर दिया गया था। जिसके कारण बरसात के दिनों में जल भराव की स्थिति निर्मित होती थी लेकिन समस्या का समाधान नही निकल पा रहा था।

न्यायालय के आदेश पर हुई कार्यवाही

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