सिकंद्रा की जर्जर केनाल से किसानों में आक्रोश

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पद्मेश न्यूज। वारासिवनी। वारासिवनी जनपद पंचायत के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत सिकंद्रा में सिंचाई व्यवस्था पूरी तरह पटरी से उतर चुकी है। वारासिवनी शहर के वार्ड नंबर तीन से होकर सिकंद्रा तक पहुँचने वाली मुख्य केनाल अपनी बदहाली पर आंसू बहा रही है। विडंबना यह है कि विभाग हर बार स्टीमेट तैयार होने का झुनझुना थमा देता है। लेकिन धरातल पर आज तक सीमेंटीकरण का कार्य शुरू नहीं हो सका। विभाग की इस कार्यप्रणाली से क्षेत्र के किसानों में भारी आक्रोश व्याप्त है।

जर्जर संरचना और गंदगी का अंबार

प्राप्त जानकारी के अनुसार वारासिवनी के मध्य से गुजरने वाली बड़ी नहर से निकली यह केनाल वर्तमान में पूरी तरह खस्ताहाल हो चुकी है। नहर जगह जगह से टूट चुकी है जिससे पानी का रिसाव आम बात है। इतना ही नहीं पूरी केनाल में गंदगी कचरा और झाडिय़ों का साम्राज्य स्थापित हो गया है। जलभराव के रास्ते में उगी कटीली झाडिय़ों और जमा मलबे के कारण पानी का प्रवाह बाधित हो रहा है। केनाल की सफ ाई केवल बारिश के समय शिकायतों के बाद खानापूर्ति के तौर पर की जाती है। विभाग की इस सतही सफ ाई का कोई सार्थक परिणाम नहीं निकलता। स्थिति यह है कि सफाई के दावों के बावजूद पानी कभी भी केनाल के अंतिम छोर तक नहीं पहुँच पाता। जिससे टेल एरिया के किसान सिंचाई के लिए तरस जाते हैं। ग्रामीण इस समस्या को लेकर अधिकारियों से संपर्क किया जाता है तो रटा.रटाया जवाब मिलता है कि सीमेंटीकरण का स्टीमेट तैयार है। सवाल यह उठता है कि अगर स्टीमेट तैयार है तो वह फाइलों से बाहर निकलकर जमीन पर कब उतरेगा वर्षों बीत जाने के बाद भी निर्माण कार्य शुरू ना होना प्रशासनिक उदासीनता को स्पष्ट रूप से उजागर करता है आगामी खरीफ सीजन सिर पर है। किसानों को डर है कि यदि जल्द ही केनाल का सीमेंटीकरण और उचित मरम्मत नहीं हुई तो इस साल भी उनकी मेहनत पर पानी फि र जाएगा किसानों की मांग है,की हमें खोखले आश्वासन नहीं बल्कि पक्की नहर चाहिए ताकि हर खेत तक पानी पहुँच सके।

नहर की दयनीय स्थिति है हर वर्ष साफ सफाई के लिए बोलना पड़ता है-सुभाष पारधी

कृषक संघ अध्यक्ष सुभाष पारधी ने बताया कि नहर की दयनीय स्थिति है हर वर्ष साफ सफाई के लिए बोलना पड़ता है तब जाकर सफाई होती है। अभी जबकि सूखा समय है तो कोई ध्यान नहीं दे रहा है बरसात में पानी नहीं मिल पाता है फि र विभाग बोलता है की जेसीबी भी नहीं घुस पाएगी यह कहकर लीपा पोती कर दी जाती है। ३ वर्षों से उनके द्वारा कहा जा रहा है कि स्टीमेट बना हुआ है और तो फि र यह नहर क्यों नहीं बना रहे है समझ नहीं आता। काफी मशक्कत के बाद यह हम मरम्मत चालू कर देते हैं उसमें भी पानी खेतो तक नहीं आ पाता है। जबकि अभी सुख समय है तो इन्हें मरम्मत करना चाहिए ताकि व्यवस्थित रूप से नहर का सुधार हो सके। परंतु कोई ध्यान इधर विभाग का नहीं है जो सबसे बड़ी दिक्कत का विषय है।

सिचांई विभाग का दंश झेली रही सिकंद्रा की जनता-कन्हैया खैरवार

सरपंच कन्हैया खैरवार ने बताया कि केनाल नंबर दो से हमारे यहां सिंचाई होती है। उसकी स्थिति आज भी यह है कि नहर बराबर से नहीं आता है ३ वर्ष से हम आवेदन दे रहे हैं कि नगर का सीमेंटीकरण हो जाए। परंतु आगे से जवाब मिलता है कि स्टीमेट तैयार है बस ठेकेदार को ठेका देना है काम चालू हो जाएगा ३ साल से यही चल रहा है। जब प्रभावि फोन जाता है तो जेसीबी से साफ सफाई करवाते हैं। अभी भीषण गर्मी में पानी नदी में छोड़ा गया यदि यह नहर ठीक रहती तो हमारे नाले और तालाब में भी पानी आता तो जल स्तर बढ़ता किंतु नहर की कंगाली और खराब स्थिति से नहर का पानी तालाब में नहीं आ रहा है। हम चाहते हैं कि संबंधित विभाग या प्रशासनिक अधिकारी जल्द किसान हित में नहर का सीमेंटिकरण करें। यदि उसके स्टीमेट बनकर तैयार है तो उसे लागू करवाये अन्यथा नहर की मरम्मत पर ध्यान दें।

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