पदमेश न्यूज़, बालाघाट।नगर के वार्ड नंबर 23 पावर हाउस परिसर में झुग्गी झोपड़ी व मकान बनाकर वर्षों से निवास करने वाले लोगों की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही है।जहां नवीन तहसील कार्यालय व अन्य व्यवस्थाएं बनाने के लिए प्रशासन द्वारा झुग्गी- झोपडी को हटाने की प्रक्रिया के बीच वार्ड वासियों की परेशानी बढ़ती जा रही है।जिसके विरोध में जगह-जगह आवेदन निवेदन ज्ञापन देने के बाद भी कहीं कोई सुनवाई न होने पर अपनी नाराजगी जताते हुए वार्ड वासियों ने हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया, जहां हाईकोर्ट ने अपने निर्णय में रह वासियों के लिए अलग से व्यवस्था बनाने को लेकर प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बैठक कर सकारात्मक हल निकालते हुए उनके आवास खाली कराए जाने के निर्देश दिए। हाईकोर्ट के निर्देशन पर तहसील कार्यालय से वार्ड नंबर 23 पावर हाउस के निवासियों को नोटिस जारी कर बैठक में सकारात्मक निर्णय लेने के लिए बुलाया जा रहा है, लेकिन इस बैठक में कोई हल नहीं निकल रहा है।ऐसा आरोप लगाते हुए वार्ड वासियों ने पुनः अपनी नाराजगी का इजहार किया है। वार्ड वासियों के अनुसार प्रशासनिक अधिकारी बैठक के नाम पर नोटिस नोटिस खेल रहे हैं लेकिन उनकी कहीं कोई सुनवाई नहीं हो पा रही है। वार्ड वासियों ने बताया कि हाईकोर्ट के उक्त आदेश के अनुसार उन्हें नोटिस जारी 13 जुलाई को तहसील कार्यालय बुलाया गया था।उक्त नोटिस पर वार्ड वासी तहसील कार्यालय पहुंचे और तहसीलदार के साथ बैठक भी की, लेकिन उस बैठक में कोई निर्णय नहीं निकला, वार्डवासियों का आरोप है कि 13 जुलाई की बैठक में वे तहसील कार्यालय में उपस्थित हुए थे, संबंधित विषय पर चर्चा भी हुई बावजूद उसके भी उनकी अनुपस्थिति नए नोटिस में दर्शायी गई है और पुनः उन्हें नोटिस जारी कर 17 जुलाई को बुलाया गया था, लेकिन 17 जुलाई को भी इस मुद्दे पर कोई सकारात्मक निर्णय नहीं निकला है। वार्डवासियों ने बताया कि वे अपने कब्जे छोड़ने तैयार है, लेकिन उनके रहने की व्यवस्था प्रशासन ने अब तक नहीं की है, वार्ड वासियों की मांग है कि या तो उन्हें बूढ़ी में बनाए गए प्रधानमंत्री आवास नि:शुल्क प्रदान किए जाएं या फिर भूखंड आवंटित कर दिया जाए जिसमें वह अपने मकान या झोपड़ी बनाकर उसमें निवास कर सके।
Byte वाजिश तिवारी, रहवासी वार्ड नं 23
Byte संतोष मालवीय,रहवासी वार्ड नं 23
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