वॉशिंगटन: अमेरिका में रूस से तेल खरीदने वाले देशों पर 100% टैरिफ लगाने से जुड़े बिल को भारी समर्थन मिलता दिख रहा है। 60 अमेरिकी सीनेटरों ने नए बिल का समर्थन किया है। शुक्रवार को सामने आए इस बिल को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का भी समर्थन मिला है। सीनेट में बिल का समर्थन करने वालों का कहना है कि इसे अगस्त से पहले पास किया जा सकता है। ‘सैंक्शनिंग रशिया एक्ट ऑफ 2026’ नाम के इस बिल के बारे में अमेरिकी सीनेटरों ने बताया है कि कि ये टैरिफ रूस से तेल खरीदने वाले चीन, भारत, स्लोवाकिया, हंगरी और अजरबैजान पर लगाए जाएंगे।
टीओआई के मुताबिक, भारत के सामने सवाल यह है कि क्या उसे रूसी तेल इम्पोर्ट करने के लिए अमेरिका से 100% टैरिफ का सामना करना पड़ेगा। रूसी तेल खरीदने वाले देशों को ‘सजा’ देने की अमेरिका की यह पहली कोशिश नहीं है। पिछले साल भी अमेरिका ने रूसी क्रूड इम्पोर्ट के लिए भारत पर अतिरिक्त 25% टैरिफ लगाया था, जिसे फरवरी में हटा लिया गया। अब नए बिल का भारत पर असर हो सकता है।
ऑयल मार्केट पर असर
दिवंगत सीनेटर लिंडसे ग्राहम के तैयार किए गए इस बिल में 15 यूरोपीय देशों को शामिल नहीं किया गया है, जो रूस से गैस आयात करते हैं। इन देशों को छूट दी गई है क्योंकि उनकी कुल गैस जरूरतों में रूसी सप्लाई का हिस्सा बहुत कम है और वे मॉस्को पर निर्भरता कम करने के लिए कदम उठा रहे हैं। टैरिफ स्लोवाकिया, हंगरी, अजरबैजान, चीन और भारत पर लागू होंगे।










































