जकार्ता: इंडोनेशिया ने दक्षिण कोरिया के KF-21 बोरामे फाइटर प्रोग्राम से अपने पांव खींच लिए हैं। इंडोनेशिया की डिफेंस लॉजिस्टिक्स एजेंसी और रक्षा मंत्रालय के अधिकारियों के बयानों से इस कदम की पुष्टि हुई है। यह फैसला संयुक्त उत्पादन से हटकर सीधे युद्ध के लिए तैयार विमान खरीदने की रणनीतिक दिशा में एक बदलाव को दर्शाता है। दरअसल इंडोनेशिया दक्षिण कोरिया के महत्वाकांक्षी ‘KF-21 बोरामे’ फाइटर जेट कार्यक्रम का एक प्रमुख भागीदार था। लेकिन वित्तीय और तकनीकी मतभेदों के कारण इंडोनेशिया ने इसके सह-उत्पादन से बाहर निकलने का फैसला किया है।
दक्षिण कोरियाई प्रोजेक्ट से पीछे हटने के बाद इंडोनेशिया ने फ्रांस के साथ एक बड़ा रक्षा सौदा किया है। इसके तहत जकार्ता पहले ही 42 राफेल F3-R मल्टीरोल फाइटर्स के लिए 8 अरब डॉलर से ज्यादा का करार कर चुका है। इस सौदे के बाद इंडोनेशियाई रक्षा अधिकारी 24 और राफेल विमान खरीदने पर विचार कर रहे हैं। यदि यह सौदा पूरा हो जाता है तो इंडोनेशिया के पास कुल 66 राफेल विमानों का बेड़ा होगा जो इसे इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में फ्रांस के सबसे बड़े अंतरराष्ट्रीय ग्राहकों में से एक बना देगा।










































