टेक दिग्गज और Zoho फाउंडर श्रीधर वेम्बु ने सोशल मीडिया में उन्हें लेकर आ रही प्रतिक्रियाओं और मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर लगातार एक के बाद एक दो पोस्ट किए हैं। वेम्बु ने धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर दुख जताया है। साथ ही कहा है कि वह धमकियों के आगे झुकने वाले नहीं हैं। श्रीधर वेम्बु के अनुसार, उनकी सॉफ्टवेयर कंपनी जोहो के लिए कभी सरकार से फेवर नहीं मांगा गया। श्रीधर वेम्बु का कहा है कि उनकी कंपनी की कमाई का लगभग 90 फीसदी हिस्सा भारत के बाहर से आता है।
अपने पहले पोस्ट में वेम्बु ने लिखा- धर्मेंद्र प्रधान उन बेहतरीन जनसेवकों में से एक हैं जिन्हें मैं जानता हूं। वह इस देश के युवाओं और ग्रामीण छात्रों की बहुत परवाह करते हैं। ग्रामीण युवाओं को बेहतर स्किल देने के तरीकों पर हमारी कई बार चर्चाएं हुई हैं। उन्हें इस्तीफा देते देखकर मुझे दुख हो रहा है। उन्होंने खुद से ऊपर देश को रखा है, और उनके लिए मेरा सम्मान अब और भी बढ़ गया है।
श्रीधर वेम्बु ने एक्स पर दूसरा पोस्ट जोहो को लेकर लिखा। उन्होंने कहा- हमारी कमाई का लगभग 90% हिस्सा भारत के बाहर से आता है, जिसे हमने कड़े ग्लोबल मुकाबले में जीता है।
हमारी कमाई का लगभग 2% हिस्सा सरकार से आता है। जब हम सरकार के साथ काम करते हैं, तो हम हमेशा टैक्सपेयर्स के पैसों की बचत करते हैं। मैंने सरकार से कभी कोई फेवर नहीं मांगा है और न ही कभी मांगूंगा। जब मुझसे सलाह मांगी जाती है, तो मैं राजनीतिक विचारधारा से परे रहकर सलाह देता हूं। जब वामपंथी सरकार सत्ता में थी, तब ‘केरल स्टार्टअप मिशन’ ने मेरी सलाह मांगी थी। मैंने उनसे कहा था कि केरल में भारत का एक प्रमुख R&D (रिसर्च एंड डेवलपमेंट) हब बनने की क्षमता है। तब से हमने केरल में कई R&D आधारित स्टार्टअप्स में निवेश किया है।












































