कोरोना संक्रमण महामारी की तीसरी लहर की एंट्री के साथ ही जिले में धीरे-धीरे पॉजिटिविटी रेट तेजी से बढ़ता जा रहा है शनिवार की रात को मिले आंकड़ों के अनुसार जो 22 में कोरोना पॉजिटिव के मरीज मिले उनमें अधिकांश ग्रामीण क्षेत्रों के निवासी है। यही नहीं शहरी क्षेत्र के साथ ही इस बार कोरोना की एंट्री तेजी से ग्रामीण क्षेत्रों में भी होती हुई दिखाई दे रही है।
स्वास्थ विभाग के आंकड़ों पर नजर डाली जाए तो पॉजिटिविटी रेट तेजी से बढ़ते जा रहा है 2 -4 10 से लेकर अब मरीजों की संख्या दहाई के डबल आंकड़े तक पहुंच चुकी है। इस बीच राहत वाली बात यही है कि अब तक तीसरी लहर के प्रभाव में पॉजिटिव हुए लोग होम आइसोलेशन में ही ठीक हो गए।
इसी बात के कारण शायद लोगों का कोरोना के प्रति डर भी कम दिखाई दे रहा है। नतीजा ना बाजारों में भीड़ कम हुई नहीं शादी विवाह सहित अन्य कार्यक्रम आयोजन में कोई पाबंदी लोगों द्वारा लगाई गई।
और तो और ट्रेन बस में यात्रियों की संख्या में कोई कमी नहीं आई नहीं महाराष्ट्र राज्य जाने वाले लोगों का आंकड़ा कम हुआ प्रदेश के अन्य जिले जहां पर महाराष्ट्र की सीमा मिलती है वहां मध्यप्रदेश के भीतर एंट्री के लिए आरटीपीसीआर रिपोर्ट जरूरी हो चुकी है, लेकिन बालाघाट में ऐसा कुछ भी नहीं है ना ही महाराष्ट्र वाले रोक लगा रहे हैं ना ही बालाघाट जिले वाले, नतीजा कोरोना तेजी से बढ़ाता जा रहा हूं, लेकिन लोगों का भय इस बार कोरोना के प्रति कम दिखाई दे रहा है।
वहीं दूसरी ओर प्रशासन द्वारा यही अपील की जा रही है कि लोग जितना जरूरी है उतना ही घर से बाहर निकले बेवजह भीड़ में ना जाए मास्क लगाए सैनिटाइजर का उपयोग करे और सोशल डिस्टेंसिंग अपनाएं लेकिन घर के बाहर, बाजार के साथ ही लोगों के व्यवहार में भी इस तरह का कोई पालन दिखाई नहीं दे रहा।
हालांकि जिला प्रशासन द्वारा रोको टोको अभियान के तहत छुटपुट कार्यवाही के माध्यम से लोगों को जागरूक करने की कोशिश की जा रही है पर यह कोशिश कितनी कारगर है इस बात से लगाया जा सकता है कि आज भी 50 प्रतिशत लोग मुंह पर कोरोना से बचने के लिए मास्क तक नहीं लगा रहे हैं।
उम्मीद यही की जा रही है कि इस बार कोरोना का प्रभाव दूसरी लहर की तरह बहुत ज्यादा ना हो लोगों को अस्पताल जाने की जरूरत ना पड़े लोग घर पर ही ठीक हो जाएं और सब कुछ सामान्य रूप से चलता रहे।










































