जिला न्यायालय के एक अधिवक्ता ने अपनी ईमानदारी का परिचय देते हुए उसे रोड पर मिले 1लाख 40 हजार रुपयों से भरा बैग, उसके मालिक को वापस कर दिए। गुमें हुए रुपए वापस मिलने से खुशी हुई इस व्यक्ति ने अधिवक्ता को तहेदिल से धन्यवाद दिए। यह व्यक्ति यदुनाथ मोरगडे ग्राम समनापुर निवासी है जिनकी बस स्टैंड समनापुर में पान की दुकान है।12 नवंबर को 1:00 बजे यदुनाथ भोरगड़े 1लाख 40 हजार रुपये से भरा बैग मोटरसाइकिल के पीछे हुक में लटका कर बालाघाट आ रहे थे और यह रुपयों से भरा बैग भटेरा चौकी स्थित एक मेडिकल दुकान के सामने गिर गया था। उसी समय अधिवक्ता शैलेश पाराशर जो अपनी मोटरसाइकिल से अदालत जा रहे थे जिन्होंने इस बैग को मोटरसाइकिल से गिरते देखा और उसे उठाकर मोटरसाइकिल चालक यदुनाथ को आवाज दी, यदुनाथ मोटरसाइकिल से आगे बढ़ गए थे। अधिवक्ता शैलेश पाराशर इस बैग को लेकर अवंती बाई चौक पहुंचे वहां पूछताछ करने पर किसी ने भी इस देख के संबंध में नहीं बताएं। अधिवक्ता शैलेश पराशर ने बेग को खोलकर नहीं देखे थे और वे बैग को लेकर अदालत चले गए और अपने न्यायिक कार्य में लग गए थे। जब यदुनाथ पान मटेरियल की दुकान पहुंचे उन्हें देखा कि मोटरसाइकिल में उनका बैग नहीं था और वे सीधे भटेरा रोड पहुंच गए किंतु उन्हें बैग नहीं मिला किंतु उन्हें आभास हुआ की बैग डॉक्टर शर्मा क्लिनिक के सामने स्पीड ब्रेकर के पास ही गिरा हुआ होगा। तब उन्होंने राकेश मेडिकल और वहीं पर एक जेवरात की दुकान में पूछताछ की और मनोज ज्वेलर्स की दुकान में लगे सीसीटीवी फुटेज को खंगालने पर राकेश मेडिकल की दुकान के सामने बैग कोई मोटरसाइकिल सवार उठाते दिखाई दिया। तब यदुनाथ सीसीटीवी फुटेज को लेकर कोतवाली पहुंचे और वहां पर चेक करने पर पाया गया कि मोटरसाइकिल सवार अधिवक्ता श्री पाराशर है। तब यदुनाथ अपने साथियों के साथ न्यायालय पहुंचे और अधिवक्ता शैलेश पाराशर से संपर्क किए । अधिवक्ता शैलेश पाराशर ने रोड पर मिला बैग लाया बैग को खोल कर देखें उसने रुपए रखे थे। अधिवक्ता शैलेश पाराशर तसल्ली होने के बाद में रुपयों से भरा बैग यदुनाथ को सौंप दिए। यदुनाथ भोरगड़े ने अधिवक्ता श्री पाराशर को तहेदिल से धन्यवाद दिए।










































