Asian Games, Athletics: गुरूवार से भारत एशियन गेम्स एथलेटिक्स प्रतियोगिता में शुरू करेगा अभियान, जानिए किन पर रहेंगी नजरें

0

Indian Athletics Campaign To Begin Tommorow: भारतीय एथलीट गुरूवार से जब एशियन गेम्स में अपने अभियान का आगाज करेंगे तो अलग-अलग वर्ग में तमाम खिलाड़ी मैदान पर होंगे और फैंस को मेडल्स की उम्मीद रहेगी। यहां जानिए किन एथलीटों से सबसे ज्यादा आस है।Asian Games 2026, Athletics: भारत एशियाई खेलों की एथलेटिक्स प्रतियोगिता में बृहस्पतिवार से अपने अभियान की शुरुआत करेगा जिसमें शॉट पुट के स्टार खिलाड़ी तजिंदरपाल सिंह तूर स्वर्ण पदक की ऐतिहासिक हैट्रिक बनाने की कोशिश करेंगे, जबकि लंबी कूद के खिलाड़ी मुरली श्रीशंकर और लंबी दूरी के धावक गुलवीर सिंह पिछली बार जीते गए पदक के रंग को बेहतर करने का लक्ष्य रखेंगे। एशियाई खेलों में एथलेटिक्स में भारत अच्छा प्रदर्शन करता रहा है और उम्मीद है कि इस बार भी वह पदक बटोरने में किसी तरह की कोताही नहीं बरतेगा। उसे हालांकि भाला फेंक के सुपर स्टार नीरज चोपड़ा की कमी खलेगी जो चोट के कारण बाहर हो गए हैं।

भारत की 75 सदस्यीय एथलेटिक्स टीम का लक्ष्य 25 से 30 पदक जीतना है। पिछली बार चीन के हांगझोऊ में टीम ने 29 पदक जीते थे, जिनमें छह स्वर्ण, 14 रजत और नौ कांस्य पदक शामिल थे। ट्रिपल जम्पर आशा इलांगो बृहस्पतिवार को भारतीय अभियान की शुरुआत करेंगी। उनके बाद सीमा 10,000 मीटर दौड़ में उतरेंगी। बृहस्पतिवार को ही होने वाली अन्य पदक स्पर्धा चार गुणा 400 मीटर मिश्रित रिले में भारत पदक का प्रबल दावेदार है। स्प्रिंटर अनिमेष कुजुर और गुरिंदरवीर सिंह भी अपनी 100 मीटर हीट दौड़ में भाग लेंगे।

अगर तूर स्वर्ण पदक जीतते हैं तो उनका नाम इतिहास की किताबों में दर्ज हो जाएगा क्योंकि वह एक ही स्पर्धा में लगातार तीन एशियाई खेलों में शीर्ष स्थान हासिल करने वाले पहले भारतीय ट्रैक एवं फील्ड एथलीट बन जाएंगे। महान थ्रोअर प्रद्युमन सिंह बराड़ ने 1954 और 1958 के एशियाई खेलों में शॉट पुट में दो स्वर्ण पदक जीते थे और अगर तूर जीत जाते हैं तो वह उनसे आगे निकल जाएंगे। हालांकि, बराड़ के नाम तीन स्वर्ण पदक हैं, जिनमें 1954 के खेलों में डिस्कस थ्रो में जीता गया एक और स्वर्ण पदक शामिल हैकिसी भारतीय ट्रैक एवं फील्ड एथलीट द्वारा सबसे अधिक स्वर्ण और कुल पदक जीतने का रिकॉर्ड दिग्गज पीटी उषा के नाम है। उनके नाम पर चार स्वर्ण (सभी 1986 सियोल में) और सात रजत पदक दर्ज हैं। श्रीशंकर ने पिछले एशियाई खेलों में रजत पदक जीता था और यह 27 वर्षीय खिलाड़ी इस बार स्वर्ण पदक जीतने का लक्ष्य रखेगा। इस सत्र में उन्होंने जिन सात प्रतियोगिताओं में भाग लिया है, उन सभी में उन्होंने आठ मीटर से अधिक की छलांग लगाई है।

उन्होंने इस सत्र में 8.38 मीटर की छलांग लगाई है जो एशियाई खिलाड़ियों में सर्वश्रेष्ठ है। उन्हें चीन के युआन चेनलोंग और उज्बेकिस्तान के अनवर अनारोव से कड़ी चुनौती मिल सकती है। भारत ने डेविड सोलोमन को भी मैदान में उतारा है, जिन्हें चोटिल शाहनवाज खान की जगह अंतिम समय में टीम में शामिल किया गया है। गुलवीर तीन स्पर्धाओं 1500 मीटर, 5000 मीटर और 10,000 मीटर में भाग लेंगे और वह कम से कम दो पदक जीतने की कोशिश करेंगे। उन्होंने पिछले एशियाई खेलों में 10,000 मीटर में कांस्य पदक जीता था तथा 5,000 मीटर और 10,000 मीटर दोनों में राष्ट्रीय रिकॉर्ड उनके नाम है।

गुलवीर का 5000 मीटर दौड़ में मुकाबला इथियोपिया में जन्मे बहरीन के बिरहानु बलेव से होगा, जो मौजूदा चैंपियन हैं। गुलवीर को 10,000 मीटर दौड़ में भी कड़ी चुनौती का सामना करना पड़ेगा, क्योंकि जापान के शीर्ष धावक मेबुकी सुजुकी भी मुकाबले में हैं।

अविनाश साबले पर भी सबकी निगाहें टिकी रहेंगी, क्योंकि इस सत्र में एक ही प्रतियोगिता में हिस्सा लेने की बावजूद वह पिछले एशियाई खेलों में जीता हुआ 3000 मीटर स्टीपलचेज़ का स्वर्ण पदक बरकरार रखने की कोशिश करेंगे। पिछले साल एंटीरियर क्रूसिएट लिगामेंट की सर्जरी के बाद उन्हें चोट के चलते लंबे समय तक खेल से दूर रहना पड़ा था। उन्हें आखिरी समय में 5000 मीटर दौड़ में भी शामिल किया गया है, जिसमें उन्होंने पिछले एशियाई खेलों में रजत पदक जीता था।

पिछले एशियाई खेलों में रजत पदक जीतने वाली लंबी कूद खिलाड़ी एंसी सोजन ने इस सत्र में एशियाई खिलाड़ियों में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया है और वह स्वर्ण पदक की दावेदार हैं। पुरुषों की भाला फेंक स्पर्धा में चोपड़ा की अनुपस्थिति के बावजूद भारत के रोहित यादव और यशवीर सिंह पदक के दावेदार हैं। स्वर्ण पदक जीतने के प्रबल दावेदार श्रीलंका के रुमेश पथिरागे हैं, जिन्होंने इस सत्र में तीन बार 90 मीटर से अधिक की दूरी तय की है और उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 92.62 मीटर रहा है। पाकिस्तान के ओलंपिक चैंपियन अरशद नदीम भी दौड़ में हैं।

राष्ट्रीय रिकॉर्ड धारक डेकाथलॉन खिलाड़ी तेजस्विन शंकर को जापान के युमा मारुयामा के खिलाफ कड़ी प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार रहना होगा, जो 10 स्पर्धाओं में 8321 अंकों के साथ एशियाई सत्र के चार्ट में शीर्ष पर हैं। राष्ट्रमंडल खेलों के रजत पदक विजेता ऊंची कूद के खिलाड़ी सर्वेश कुशारे भी पदक के दावेदार हैं हालांकि वह भी मामूली चोट से जूझ रहे हैं। उन्हें कई खिलाड़ियों की चुनौती का सामना करना पड़ेगा जिनमें कतर के कई ओलंपिक और विश्व पदक विजेता मुताज़ ईसा बरशिम भी शामिल हैं। ट्रिपल जम्पर प्रवीण चित्रवेल और 100 मीटर बाधा दौड़ की धाविका ज्योति याराजी ने पिछले एशियाई खेलों में क्रमशः कांस्य और रजत पदक जीते थे, लेकिन हाल ही में दोनों को मामूली चोटों से जूझना पड़ा था। विशाल टीके (400 मीटर), पारुल चौधरी (3000 मीटर स्टीपलचेज़), हरिता भद्रा (200 मीटर) और पूजा सिंह (ऊंची कूद) पदक जीतने के अन्य दावेदार हैं।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here