डिजिटल युग के साथ-साथ भारत में साइबर फ्रॉड के मामले भी बढ़ते जा रहे हैं। आए दिन कोई ना कोई साइबर अपराधियों का शिकार हो रहा है। अपराधी बैंक अकाउंट से पैसे निकालने के नए-नए तरीके ढूंढ लेते हैं। हाल ही में राज्यसभा में वित्त मंत्रालय की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, वित्त वर्ष 2022 से लेकर पिछले साल सितंबर तक भारत में डिजिटल पेमेंट फ्रॉड के 5.83 लाख से ज्यादा मामले सामने आए, जिनमें 3,588.22 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी हुई। सबसे हैरानी की बात तो यह कि इनमें से बैंक और फाइनेंशियल इंस्टीट्यूशन सिर्फ 238.83 करोड़ रुपये ही रिकवर कर पाए हैं, जो कि कुल अमाउंट का लगभग 7 प्रतिशत ही है।
- इस दौरान सामने आए ज्यादातर मामले क्रेडिट कार्ड और इंटरनेट बैंकिंग से जुड़े फ्रॉड के थे। क्रेडिट कार्ड से जुड़े फ्रॉड के 2,43,849 मामले सामने आए, जिनमें 1,447.27 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी हुई।
- जबकि इंटरनेट बैंकिंग फ्रॉड के कुल 2,42,562 मामले दर्ज किए गए, जिनमें सबसे ज्यादा 1,730.14 करोड़ रुपये का फ्रॉड हुआ।
- ऑनलाइन ठगी या धोखाधड़ी के मामलों में डेबिट और एटीएम कार्ड से होने वाले फ्रॉड तीसरे सबसे बड़े नंबर पर रहे। इसमें 94,991 मामलों में कुल 401.17 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी हुई। (REF.)













































