MBS बनाम MBZ, यमन से UAE को बाहर करना प्रिंस सलमान को पड़ा भारी, हूती कहीं सऊदी को कंगाल ना बना दे?

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रियाद/अबू धाबी: तेल से अपनी किस्मत चमकाने वाला सऊदी अरब एक बड़े संकट का सामना कर रहा है। इस संकट का नाम है यमन। यमन के हूती विद्रोहियों ने लाल सागर पर नियंत्रण बनाकर सऊदी के तेल के जहाजों के इस रास्ते से गुजरने पर पाबंदी लगा दी है। होर्मुज पहले से ही ईरान ने बंद कर रखा है। यमन के हूती विद्रोहियो ने बाब अल-मंदेब जलडमरूमध्य के करीबी द्वीपों पर कब्जा कर लिया है और वो बड़ी आसानी से व्यापारिक जहाजों को निशाना बना सकते हैं।

हूती विद्रोही सऊदी अरब के दरवाजे पर खड़े हो चुके हैं। उन्होंने पवित्र इस्लामिक शहर मक्का तक पर हमला करने की कोशिश की है। वो सऊदी की सुरक्षा और समुद्री रास्ते दोनों के लिए खतरा बन चुके हैं। जानकारों का मानना ​​है कि यह संकट सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान का ही पैदा किया हुआ है क्योंकि उन्होंने संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के हितों को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की थी जिसे रियाद अपना प्रतिद्वंद्वी मानता है।

प्रिंस सलमान की जिद से खतरे में सऊदी अरब?

महज एक साल पहले तक यमन में हालात काफी हद तक स्थिर थे। हालांकि देश कई गुटों में बंटा था लेकिन फिर भी हर गुट अपने अपने इलाके तक सीमित था। लेकिन 2025 के आखिर में उस वक्त सब कुछ बदल गया जब सऊदी अरब ने हवाई हमले शुरू कर दिए। सऊदी ने उस संगठन को निशाना बनाकर हमले किए जिन्होंने हूती विद्रोहियों को कंट्रोल में रखा हुआ था। यह ताकत ‘सदर्न ट्रांजिशनल काउंसिल’ थी जिसे UAE ने बनाया और फंड किया था। लेकिन मोहम्मद बिन सलमान को ये गुट फूटी आंखों नहीं सुहाता।

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