Rail Food: ₹5 की चाय और ₹10 में कॉफी; नहीं हो सकेगा सरकार, ₹3071 का हो गया है गैस सिलेंडर

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नई दिल्ली: सरकारी कंपनियों (Oil PSUs) ने बीते शुक्रवार को ही कॉमर्शियल गैस सिलेंडरों (LPG Cylinder) के दाम में तगड़ी बढ़ोतरी की है। इसके बाद रेलवे प्लेटफॉर्म पर खान-पान स्टॉल, फूड ट्रॉली और ट्रे में पूड़ी-सब्जी या अन्य खाद्य पदार्थ बेचने वाले लाइसेंसी परेशान हैं। इनका कहना है कि रेलवे प्लेटफॉर्म पर खान-पान स्टॉल चलाने वाले लाइसेंसी का रेट साल 2012 में तय हुआ है। तब से महंगाई कहां से कहां चली गई है। ऐसे में उन्होंने रेल मंत्रालय से रेट में रिवीजन की गुजारिश की है।

एक दिन में एक हजार महंगा हो गया गैस सिलेंडर

रेलवे के देश भर के लाइसेंसी वेंडर का प्रतिनिधित्व करने वाली संस्था अखिल भारतीय रेलवे खान-पान लाइसेंसीज वेलफेयर एसोसिएशन है। इसने रेल मंत्रालय से रेलवे प्लेटफॉर्मों पर संचालित खान-पान स्टॉल, ट्रॉली, ट्रे, ढाबा और अन्य वेंडिंग यूनिट्स के लाइसेंसधारकों को तत्काल राहत देने की मांग की है। एसोसिएशन ने सरकार का ध्यान इस ओर भी दिलाया है कि आज से देशभर में कमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमतों में करीब एक हजार रुपये की बढ़ोतरी एक ही दिन में हो गई है। ऐसे में वेंडरों के सामने भारी परेशानी खड़ी हो गई है ।

रेल मंत्री से लगाई गुहार

एसोसिएशन के अध्यक्ष रविंदर गुप्ता ने रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव को पत्र भेज कर गुहार लगाई है। इसमें कहा गया है कि वैश्विक ऊर्जा संकट से भारत भी प्रभावित है। इस वजह से 1 मार्च 2026 से सरकार द्वारा कमर्शियल सिलेंडरों की आपूर्ति भी बंद कर दी गई है। इसके चलते वेंडर को काम चलाने के लिए 14 किलो के गैस सिलेंडर लेने पड़ रहे हैं। इसकी कीमत 2,000 से 5,000 रुपये तक पहुंच गई है। इसिलए रेलवे प्लेटफॉर्म पर बिकने वाले खाद्य पदार्थों की कीमतों में तत्काल बढ़ोतरी हो।

2012 में फिक्स हुआ था रेट

उन्होंने एनबीटी को बताया कि रेलवे प्लेटफार्म पर काम करने वाले लाइसेंसी वेंडर के लिए रेट लिस्ट में पिछली बार समीक्षा साल 2012 में हुई थी। तब से लेकर आज तक महंगाई कई गुना बढ़ गई है, लेकिन रेलवे ने रेट में कोई बढ़ोतरी नहीं की है। उन्होने उदाहरण देते हुए बताया कि रेलवे प्लेटफॉर्म पर बिकने वाली चाय का रेट अभी भी 5 रुपये कप है। वह सवाल पूछते हैं कि इतने कम कीमत पर चाय बेचना संभव है? वह भी लाइसेंस फीस और तरह तरह के टैक्स चुका कर। उल्लेखनीय है कि इन वेंडर की बिक्री में करीब 40 फीसदी हिस्सेदारी पानी के बोतल और चाय की ही होती है।

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