नई दिल्ली: ईरान के साथ तीन महीने से भी अधिक समय से युद्ध में फंसे अमेरिका के लिए आर्थिक मोर्चे पर अच्छी खबर नहीं है। उसका कर्ज लगातार बढ़ता जा रहा है और फिस्कल पोजीशन लगातार बद से बदतर होती जा रही है। अमेरिका का फेडरल बजट डेफिसिट उसकी जीडीपी का 6% पहुंच गया है यह जी-7 देशों में सबसे खराब है। जी-7 देशों में अमेरिका के अलावा फ्रांस, यूके, जर्मनी, जापान, इटली और कनाडा शामिल हैं।
दुनिया की सबसे बड़ी इकॉनमी वाले देश अमेरिका का बजट गैप भी जी-7 देशों के एवरेज 3% से दोगुना से भी ज्यादा है। फ्रांस और यूके का डेफिसिट उनकी जीडीपी का 5% है। 2028 तक अमेरिका का डेफिसिट बढ़कर उसकी जीडीपी के 7.5% पहुंचने का अनुमान है जो 2021 के उच्चतम स्तर के करीब है। इस दौरान इटली और कनाडा का डेफिसिट उनकी जीडीपी के 2% रहने का अनुमान है। यूके, फ्रांस, जर्मनी और जापान का डेफिसिट उनकी जीडीपी के 5% से नीचे रहने का अनुमान है।अमेरिका का कर्ज
अमेरिका का कर्ज हाल में काफी तेजी से बढ़ा है। मई में यह 39.2 ट्रिलियन डॉलर पहुंच गया जो उसकी जीडीपी का 122.19 फीसदी है। मई 2020 में अमेरिका का कुल कर्ज 26 ट्रिलियन डॉलर था जो मई 2021 में 28.2 ट्रिलियन डॉलर, मई 2022 में 30.5 ट्रिलियन डॉलर, मई 2023 में 31.4 ट्रिलियन डॉलर, मई 2024 में 34.7 ट्रिलियन डॉलर और मई 2025 में 36.7 ट्रिलियन डॉलर था।










































