पदमेश न्यूज़।बालाघाट।पिछले कई दशकों से वन भूमि पर कब्जा कर खेती कर रहे लोगो को जहा एक ओर शासन द्वारा वन अधिकार अधिनियम के तहत पट्टे आवंटित किए जाने का दावा किया जा रहा है।तो वही दूसरी ओर शासन के इस दावे की हकीकत कुछ और ही है। जिले के विभिन्न क्षेत्रों में निवास करने वाले अब भी ऐसे कई लोग हैं।जो कई वर्षों से वन भूमि पर कब्जा कर उसमें खेती कर अपना जीवन यापन कर रहे हैं लेकिन कई दशक बीत जाने के बाद भी उन्हें शासन द्वारा पट्टे आवंटित नहीं किए गए हैं जिसके चलते वे लोग पिछले कई वर्षों से कृषि भूमि का पट्टा प्रदान किए जाने की मांग कर रहे हैं। बावजूद इसके भी उन्हें अब तक कब्जे वाली भूमि का शासन द्वारा पट्टा आवंटित नहीं किया गया है वहीं उन्हें आश्वासन पर आश्वासन दिया जा रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि वे पिछली कई पीढ़ियों से वन विभाग की भूमि पर कृषि करते आ रहे हैं, अब वनकर्मी उन्हें उक्त भूमि से बेदखल कर रहे हैं, तो वही उनकी फसलों को नष्ट करने की बात कही जा रही है।जिसपर उन्होंने अपना एतराज जताते हुए जल्द से जल्द उक्त कृषि भूमि के पट्टे प्रदान किए जाने की मांग की है। तो वहीं उन्होंने मांग पूरी न होने पर समस्त ग्रामीण के साथ आंदोलन किए जाने की चेतावनी दी है।
Byte बृजलाल उइके, ग्रामीण राशिमेटा( बैहर)
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