बीते दो-तीन दिनों से जिले में मौसम के बदलते तेवर देखने को मिल रहे थे, लेकिन शनिवार को आई तेज आंधी और मूसलाधार बारिश ने शहर सहित ग्रामीण क्षेत्रों में हालात बिगाड़ दिए। अचानक तेज हवाओं और बारिश के कारण पूरे शहर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और जनजीवन प्रभावित हो गया। बारिश इतनी तेज थी कि शहर के प्रमुख चौक-चौराहों पर देखते ही देखते जलभराव की स्थिति बन गई। सड़कों पर पानी नदी की तरह बहने लगा, जिससे यातायात भी बुरी तरह प्रभावित हुआ। हनुमान चौक क्षेत्र पूरी तरह पानी में डूब गया और टापू जैसा नजर आने लगा। यहां कई घंटों तक पानी भरा रहा, जिससे राहगीरों और दुकानदारों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। निचले इलाकों और वार्ड क्रमांक 1, 2 और 10 में स्थिति और गंभीर रही, जहां नालियों से पानी की निकासी नहीं होने के कारण पानी घरों और दुकानों में घुस गया। कई जगह लोगों को पानी निकालने के लिए खुद मशक्कत करनी पड़ी। जलभराव के चलते स्थानीय निवासियों में नगर पालिका की व्यवस्थाओं को लेकर नाराजगी भी देखने को मिली। तेज आंधी के कारण शहर के अलग-अलग हिस्सों में कई पेड़ और डालियां गिर गईं, जिससे कुछ मार्गों पर आवागमन बाधित हो गया। वहीं कई स्थानों पर बिजली के तार और केबल टूटने से विद्युत आपूर्ति भी प्रभावित हुई और कई इलाकों में देर रात तक अंधेरा छाया रहा।घटना की जानकारी मिलते ही नगर पालिका और जिला प्रशासन की टीम सक्रिय हुई और विभिन्न स्थानों पर पहुंचकर गिरे पेड़ों को हटाने, सड़कों को साफ कराने और जलनिकासी की व्यवस्था बनाने का काम शुरू किया। प्रशासन द्वारा लगातार हालात सामान्य करने के प्रयास किए जा रहे हैं, हालांकि लोगों को अभी भी कई समस्याओं से जूझना पड़ रहा है।
जिले में बीते कुछ दिनों से मौसम में लगातार बदलाव देखने को मिल रहा है। जहां एक ओर भीषण गर्मी से परेशान लोगों को आंशिक राहत मिली है, वहीं शुक्रवार 2 मई की दोपहर आई तेज आंधी-तूफान और बेमौसम बारिश ने शहर सहित ग्रामीण क्षेत्रों में भारी तबाही मचा दी। दोपहर करीब 1:30 बजे अचानक मौसम बदला और तेज हवाओं के साथ काले बादल छा गए। देखते ही देखते आंधी के साथ बारिश शुरू हो गई, जो करीब एक से डेढ़ घंटे तक जारी रही। इस दौरान तेज हवाओं की गति इतनी अधिक थी कि शहर के कई प्रमुख स्थानों पर बड़े-बड़े पेड़ जड़ से उखड़ गए, जबकि कई पेड़ों की भारी-भरकम शाखाएं टूटकर सड़कों और वाहनों पर गिर गईं। शहर के प्रमुख मार्गों अंबेडकर चौक, जयस्तंभ चौक सहित अन्य व्यस्त इलाकों में पेड़ गिरने से आवागमन पूरी तरह बाधित हो गया। कई जगहों पर लोगों को रास्ता बदलकर निकलना पड़ा, जबकि कुछ मार्गों पर घंटों जाम जैसी स्थिति बनी रही। इस आंधी-तूफान का सबसे अधिक नुकसान वाहनों को हुआ। सड़कों और पार्किंग में खड़े चारपहिया एवं दोपहिया वाहन पेड़ों और उनकी शाखाओं की चपेट में आकर क्षतिग्रस्त हो गए। नगर पालिका परिसर में भी वर्षों पुराना एक विशाल पेड़ गिर गया, जिसके नीचे खड़ी कई गाड़ियां दब गईं और उन्हें भारी नुकसान पहुंचा।
इलेक्ट्रिक बाइक पेड़ के नीचे दबी
विश्वचौराया चौक क्षेत्र में एक इलेक्ट्रिक बाइक पेड़ के नीचे दबकर पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। इसके अलावा शहर के अलग-अलग हिस्सों में ऐसे कई मामले सामने आए, जहां वाहनों पर पेड़ गिरने से नुकसान हुआ। ग्रामीण क्षेत्रों में भी स्थिति कम गंभीर नहीं रही। कई गांवों में पेड़ों के गिरने से सड़कें अवरुद्ध हो गईं, जिससे लोगों को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। कुछ स्थानों पर बिजली के खंभे और तार भी क्षतिग्रस्त होने की सूचना मिली है। बारिश के चलते शहर के निचले इलाकों में जलभराव की समस्या भी गंभीर रूप से सामने आई। हनुमान चौक में पानी निकासी की समुचित व्यवस्था न होने के कारण सड़कें तालाब में तब्दील हो गईं। वहीं वार्ड क्रमांक 1, 2 और 10 सहित कई क्षेत्रों में नालियों का गंदा पानी सड़कों पर बहता नजर आया। स्थानीय लोगों ने बताया कि नालियों की नियमित सफाई नहीं होने के कारण पानी की निकासी बाधित हो गई, जिससे जलभराव की स्थिति बनी। कई घरों के आसपास पानी जमा होने से लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।










































