जिला पंचायत सदस्य रुक्मणि मुकेश माहुले के घर पर चला बुलडोजरमुकेश ने स्वयं पर पैट्रोल डालकर, अग्निस्नान करने का किया प्रयास

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बालाघाट।शनिवार को नगर से सटे ग्राम पंचायत कोसमी में उस वक्त हंगामा मच गया जब अतिक्रमण हटाने के लिए प्रशासनिक अमला ,पूर्व जिला पंचायत सदस्य स्व. डाली दमाहे व वर्तमान जिला पंचायत सदस्य श्रीमती रुक्मणी मुकेश माहुले के घर लाहो लश्कर लेकर पहुंच गया। जहां अतिक्रमण हटाने की कार्यवाही के दौरान मुकेश माहुले, उनके भाई, और प्रशासनिक अधिकारियों के बीच जमकर बहसबाजी देखने को मिली। इसी दरमियान आवेश में आकर मुकेश माहुले ने स्वयं पर पेट्रोल डालकर अग्निस्नान करने का भी प्रयास किया, जिसे देख परिजनों और प्रशासनिक अमले ने उन्हें पड़कर अग्निदाह का उनका यह प्रयाग विफल कर दिया और भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच पूर्व से चिन्हित किए गए मकान के हिस्से और वहां बनी बाउंड्रीवॉल को जमीनदोज कर दिया।जहा प्रशासन ने भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच पहले तो मकान के भीतर रखा सामान सुरक्षित बाहर निकाला, जिसके उपरांत 2 जेसीबी की मदद से बाउंड्रीवॉल और मकान के कुछ हिस्से को जमीनदोज कर दिया। उधर इस मामले को लेकर मचे बवाल के बीच मुकेश माहुले और उनके परिजनों द्वारा इसे राजनीति साजिश के तहत की गई कार्यवाही बताया गया है तो वही प्रशासनिक अधिकारियों ने नियमों के तहत की गई कार्यवाही की बात कही है।कार्यवाही के दौरान तहसीलदार सुनील वर्मा, न्यायाब तहसीलदार छवि पंथ, राजस्व निरीक्षक श्री घोटमारे ,कोसमी पटवारी सिद्धार्थ बड़ोले,नवेगांव पटवारी आदित्य बिसेन, कोतवाली और नवेगांव के महिला व पुलिस कर्मचारी सहित अन्य प्रशासनिक अमला प्रमुख रूप से उपस्थित रहा।

आबादी भूमि पर अतिक्रमण कर निर्माण से जुड़ा है मामला
दरअसल यह पूरा मामला आबादी भूमि पर अतिक्रमण कर बाउंड्रीवॉल और मकान का निर्माण किए जाने को लेकर बताया गया है जिसकी 6 माह पूर्व हुई शिकायत पर करीब 2 माह तक चली सुनावाई के बाद नोटिस जारी कर प्रशासन द्वारा उक्त कार्यवाही किए जाने की बात कही गई है। तो वहीं मुकेश माहुले द्वारा इसे सोची समझी साजिश, व राजनीति द्वेष के तहत की गई कार्यवाही बताया है।

स्थानीय निवासी इमलाबाई की शिकायत पर हुई कार्यवाही
प्राप्त जानकारी के अनुसार ग्राम पंचायत कोसमी वार्ड नं 5 परिसर में पूर्व जिला पंचायत सदस्य स्व. डाली दमाहे निवास करते थे, जिनकी हत्या के बाद उनके मकान में उनका भांजा मुकेश अपनी पत्नी जिला पंचायत सदस्य श्रीमती रुक्मणी माहुले व अन्य परिजनों के साथ निवास कर रहे थे, बताया जा रहा है कि उन्हीं के मकान के पीछे रहने वाली श्रीमती इमलाबाई निकोसे और पुत्र विकास निकोसे ने जनसुनवाई में प्रशासन को शिकायत की थी कि आवागमन के रास्ते में आबादी भूमि पर किए गए अतिक्रमण के कारण,उन्हें आने जाने में परेशानी हो रही है। जिसका पूरा प्रकरण, तहसील न्यायालय में चला। जहां से अतिक्रमण हटाने के ऑर्डर पर अतिक्रमणकारी मुकेश माहुले ने, एसडीएम न्यायालय में अपील की थी।तहसीलदार सुनील वर्मा के अनुसार, वह भी खारिज हो गई है।इसी बीच तहसील कार्यालय से अतिक्रमण हटाने के जारी हुए आदेश पर नोटिस भेजकर उक्त भूमि पर किए गए निर्माण को जेसीबी की मदद से हटाया गया।उधर मुकेश माहुले द्वारा इस मामले में इंसाफ पाने के लिए हाईकोर्ट की शरण लेने की बात कही है।

स्वयं पर पेट्रोल छिड़क कर, आत्मदाह का किया प्रयास, मचा हंगामा
नगरीय क्षेत्र से लगे ग्राम पंचायत कोसमी में शनिवार दोपहर, तहसीलदार सुनील वर्मा ने राजस्व और पुलिस टीम की मौजूदगी में आबादी भूमि पर अतिक्रमण कर बनाए गए भवन और बाउंड्रीवाल पर जेसीबी चलाकर अतिक्रमण को हटा दिया। इस दौरान अतिक्रमणकारी मुकेश माहुले ने स्वयं पर पेट्रोल डालकर आग लगाने का प्रयास किया लेकिन उसे परिजनों व पुलिस ने बचा लिया। मुकेश माहुले ने प्रशासन पर एकतरफा कार्यवाही करने का आरोप लगाया है। जबकि सुनील वर्मा ने बताया कि एसडीएम न्यायालय से अपील खारिज होने के बाद विधिवत नोटिस जारी कर अतिक्रमण हटाने की कार्यवाही की गई है। कार्यवाही के दौरान परिजनों का काफी विरोध भी देखने को मिला, वहीं परिजनों ने इसे एक साजिश बताते हुए जमकर हंगामा मचाया। लेकिन प्रशासनिक अधिकारियों ने किसी की एक न सुनी और नियम का हवाला देते हुए भूमि पर किए गए निर्माण को जेसीबी की मदद से जमीदोज कर दिया।

पैसों की भूख, सत्ता और राजनीति द्वेश के चलते की गई एकतरफा कार्यवाही- मुकेश
मुकेश माहुले ने बताया कि यह जगह हमारे पीढ़ियों से है, पहले, यहां मामा डाली दमाहे निवासरत थे। जिनकी हत्या के बाद, इसकी देखरेख हम कर रहे है।मेरे मामा डाली दमाहे, मम्मी,नाना- नानी की भूमि है, हम पीढ़ी दर पीढ़ी से निवास करते आ रहे हैं,कोसमी में लगभग 20 एकड़ आबादी भूमि है जहां लोग वर्षों से पीढ़ी दर पीढ़ी निवास कर रहे हैं। 200 वर्षों से अधिक समय से नाना नानी यहां रह रहे थे, करीब 20 वर्ष पूर्व इमला बाई निकोंसे ने यहां जमीन खरीदी थी उसकी जमीन रजिस्ट्री, बाजू वाले रवि सोनी, गुड्डु माहुले और हमारी जमीन की रजिस्ट्री सभी में यहां पर 8 फीट का रास्ता है, जो सभी की रजिस्ट्री में दर्ज है।बावजूद इसके भी तहसीलदार ने हमारी सुनवाई नहीं की, अपना स्वयं का हित सिद्ध करते हुए अतिक्रमण हटाने के आदेश दे दिए, जबकि एसडीएम सर के यहां से हमारी अपील व केस खारिज का हमें लेटर भी नहीं मिला है। लेकिन तहसीलदार ने आज मामा के घर को तोड़ दिया,उन्होंने बताया कि नगर में पूर्व मंत्री ने सरकारी भूमि पर कब्जा किया है,उसका अतिक्रमण नहीं तोड़ रहे हैं,उधर हाईकोर्ट और एनजीटी के आदेश के बावजूद देवी तालाब से अतिक्रमण नहीं हटाया जा रहा है ,लेकिन यहां पैसों की भूख, सत्ता का लालच और राजनीतिक द्वेश के चलते तहसीलदार ने एक तरफा कार्यवाही का आर्डर दिया है। हमें सूत्रों से पता चला है कि जिन्होंने मामा डाली दमाहे की हत्या की थी, वे लोग इन लोगों से मिले हुए हैं उनसे पैसे लेकर ही ऐसा आर्डर निकाला गया है।हमें नोटिस मिला लेकिन समय नहीं दिया गया, प्रशासन ने आज नियम विरुद्ध काम किया है दुर्भावनावश निर्माण को तोड़ा गया है। तहसीलदार के यहां 2 पेशी हुई थी, पहली पेशी में ही उन्होंने कह दिया था कि हम अतिक्रमण पर बुलडोजर चलाएंगे, हमारे कोई भी कागजात स्वीकार नहीं किए गए। यह हमारे साथ में अन्याय किया गया है।

नियम के तहत की गई कार्यवाही सुनील वर्मा तहसीलदार सुनील वर्मा ने बताया कि आबादी भूमि पर देवकीबाई माहुले का अतिक्रमण था, जिसकी शिकायत मिलने पर न्यायालय तहसीलदार ने प्रकरण दर्ज कर नोटिस जारी किया था, जिसकी सुनवाई भी हुई उसके बाद आर्डर पारित किया गया है।ऑर्डर जारी होने के बाद इन्होंने एसडीएम कार्यालय में अपील की थी, वह अपील एसडीएम कार्यालय से निरस्त हो चुकी है, इसीलिए नोटिस जारी कर आज अतिक्रमण पर बुलडोजर कार्यवाही कर उसे हटाया गया है।यह कार्यवाही विधिवत नियमानुसार की गई है।

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