पद्मेश न्यूज। वारासिवनी। बच्चों के सर्वांगीण विकास और पोषण का जिम्मा संभालने वाला महिला एवं बाल विकास विभाग वारासिवनी में अपनी जिम्मेदारियों के प्रति कितना लापरवाह है। इसका जीता जागता उदाहरण ग्राम पंचायत थानेगांव के सिरहाटोला में देखने को मिल रहा है। यहाँ आंगनबाड़ी केंद्र क्रमांक २ में पिछले ३ वर्षों से शुद्ध पेयजल का अभाव है लेकिन विभाग कुंभकर्णी नींद सोया हुआ है।
जिम्मेदार अधिकारियों ने मोड़ा मुंह
शासन के द्वारा बच्चों के लिए सर्वसुविधायुक्त भवन तो बना दिया गया लेकिन विभाग यह सुनिश्चित करना भूल गया कि वहां बच्चे पानी कहाँ से पिऐंगे। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिका ने पीने के पानी की किल्लत को लेकर कई बार महिला बाल विकास परियोजना अधिकारी कार्यालय के चक्कर काटे और लिखित शिकायतें दर्ज कराईं। इसके बावजूद परियोजना कार्यालय के अधिकारियों ने जमीनी हकीकत जानना तो दूर शिकायतों को रद्दी की टोकरी में डाल दिया। हैरानी की बात यह है कि आंगनबाड़ी केंद्र के ठीक बाजू में जल जीवन मिशन की विशाल पानी की टंकी खड़ी है। विभाग चाहता तो समन्वय स्थापित कर महज एक दिन में नल कनेक्शन सुनिश्चित कर सकता था। लेकिन विभाग की प्रशासनिक शिथिलता के कारण आज भी सहायिका को परिसर के बाहर से पानी ढोकर लाना पड़ रहा है। आंगनबाड़ी में आने वाले छोटे छोटे बच्चे हैंडपंप का जंग युक्त और लाल पानी पीने को मजबूर हैं। यह दूषित जल मासूमों के लिवर और पेट संबंधी बीमारियों का कारण बन रहा है। ३ साल पहले पाइपलाइन क्षतिग्रस्त हुई थी जिसे दुरुस्त कराने में विभाग ने कोई रुचि नहीं दिखाई। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता अपनी क्षमता से बाहर जाकर पानी की व्यवस्था कर रही हैं जबकि विभाग बजट और फ ाइलों के नाम पर चुप्पी साधे बैठा है। बच्चों के अभिभावकों ने विभाग की इस कार्यप्रणाली पर तीखे सवाल उठाए हैं। पालकों का कहना है कि एक ओर विभाग स्वस्थ बाल स्पर्धा और पोषण पखवाड़ा जैसे आयोजन करता है वहीं दूसरी ओर बच्चों को पीने के लिए साफ पानी तक उपलब्ध नहीं करा पा रहा है। यदि किसी बच्चे के स्वास्थ्य को गंभीर नुकसान पहुँचता है तो इसका सीधा जिम्मेदार महिला बाल विकास विभाग होगा।
३ वर्षों से हैंडपंप से पानी ला रहे हैं कोई व्यवस्था यहां नहीं है- अंजू कामड़े
आंगनवाड़ी सहायिका अंजू कामडे ने बताया कि यहां पाइपलाइन टूटी हुई है ३ वर्षों से हैंडपंप से पानी ला रहे हैं। कोई व्यवस्था यहां नहीं हैं सुपरवाइजर को पत्र लिखा तो सरपंच से आवेदन लगाने के लिए वह कहते हैं। पंचो को भी व्यवस्था करने के लिए निवेदन किया था कुछ हुआ नहीं। यहां पर नौनिहाल बच्चों को पीने के लिए पानी खाना पकाने के लिए पानी बर्तन धोने के लिए पानी की जरूरत होती है। हैंडपंप का पानी लाकर हमारे पास एक टंकी है उसमें रखते हैं ताकि पानी फि ल्टर होकर पिलाया जा सके। जंग तो आता ही है पानी की ३ वर्षों से यह समस्या है हर बार अधिकारी हां बोल कर चले जाते हैं।
जंग युक्त पानी पीने को मजबूर ग्राम के नौनीहाल-शाीला खोबरागड़े
ग्रामीण शीला खोबरागड़े ने बताया की पानी की समस्या एक गंभीर विषय है परंतु इस आंगनवाड़ी केंद्र में तीन वर्ष से यह जो दिक्कत है वह ज्यादा गंभीर है। क्योंकि नौनिहाल बच्चों से यह जुड़ा मामला है पहले यहां पर पानी था स्कूल से पानी मिलता था परंतु अभी नहीं मिल रहा है। क्योंकि पाइपलाइन तोड़ दिये हैं हैंडपंप का जंग वाला पानी नौनीहाल बच्चे पी रहे हैं जो उनके स्वास्थ्य को खराब कर रहा है। सहायिका के द्वारा पानी बाहर हैंडपंप से लाया जाता है क्योंकि यहां पानी की व्यवस्था नहीं है जिस पर गंभीरता से महिला बाल विकास विभाग को ध्यान देना चाहिए।
इनका कहना हैं
दूरभाष पर चर्चा में बताया कि यह समस्या हमारे संज्ञान में नहीं थी हम समझ रहे थे स्कूल से पानी मिलता है। यदि आंगनवाड़ी में इस प्रकार की स्थिति है तो नल जल योजना की पानी टंकी से तत्काल नल कनेक्शन देने की व्यवस्था की जायेगी ताकि पानी की किल्लत समाप्त हो सके।
लक्ष्मीकांत बैस सरपंच ग्राम थानेगांव
दूरभाष पर चर्चा में बताया कि मुझे परियोजना अधिकारी का नया प्रभार मिला है इस संबंध में मुझे कोई जानकारी नहीं है। आंगनबाड़ी केंद्र का सोमवार को निरीक्षण कर पानी की समस्या का समाधान करने प्रयास किया जाएगा वहीं पंचायत से भी बात की जायेगी।









































