बारिश और बढ़ती महंगाई से संकट में मूर्तिका

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भगवान श्रीकृष्ण की मूर्ति को अंतिम रूप दे रहे मूर्तिकार, कंडे से मूर्तियां सुखाने को मजबूर, लागत बढऩे से घट रही कमाई
भक्तिभाव एवं हर्षोल्लास के साथ मनाई जायेगी श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर्व ४ सितंबर को, घर-घर विराजेंगे नंदलाला

पद्मेश न्यूज। लालबर्रा। भगवान श्रीकृष्ण के जन्म का पर्व श्रीकृष्ण जन्माष्टमी प्रतिवर्षानुसार इस वर्ष भी नगर मुख्यालय सहित ग्रामीण क्षेत्रों में हिन्दु धर्मालंबियों के द्वारा आगामी ४ सितंबर को भक्तिभाव एवं धूमधाम से मनाया जायेगा, जिसकी तैयारी श्रध्दालुओं के द्वारा प्रारंभ कर दी गई है। यानि की मूर्तिकारों के द्वारा श्री कृष्ण जन्माष्टमी पर्व को लेकर भगवान की प्रतिमाएं बनाने का काम जोर-शोर से जारी है, लेकिन इस बार बारिश का मौसम और महंगाई मूर्तिकारों के लिए बड़ी मुसीबत बनकर सामने आई है। लगातार हो रही बारिश और सीलन के कारण मूर्तियों को सुखाना मुश्किल हो गया है, वहीं कच्ची सामग्रियों के दाम दोगुने होने से मूर्तिकारों की लागत बेतहाशा बढ़ गई है। ऐसी स्थिति में मूर्तिकारों को कंडे जलाकर मूर्तियां सुखानी पड़ रही है।

मूर्ति को दे रहे अंतिम रूप

श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर्व को लेकर नगर मुख्यालय की पांढरवानी के लालबर्रा कुम्हारी मोहल्ले, अमोली के गड्डा मोहल्ला सहित क्षेत्र के अन्य मुर्तिकारों के द्वारा भगवान श्रीकृष्ण की मनमोहक मूर्तियों को अंतिम रूप देने के साथ ही उसमें रंग रोगन कर उसे सुंदर व आकर्षक बना रहे है और यह मूर्तियां तैयार होकर ३ सितंबर से बाजार में बिकने भी आ जायेगी। वहीं श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पर्व हिन्दु धर्मालंबियों के द्वारा बड़े ही धूमधाम व हर्षाेल्लास के साथ प्रतिवर्ष मनाया जाता है। यही वजह है कि पर्व नजदीक आते ही लोगों में काफी उत्साह दिखाई दे रहा है और मूर्तिकार भी समय कम होने के कारण मूर्ति को भव्य रूप देने के लिए दिन-रात काम में जुटे हुए हैं परन्तु महंगाई के कारण मूर्ति के दामों में भी इजाफा होने की बात कही जा रही है। साथ ही बार-बार मौसम परिवर्तन, बारिश के साथ ही बदलीनुमा मौसम होने एवं मिट्टी पास में नही मिलने से मूर्तिकारों को मूर्ति बनाने एवं सुखाने में परेशानी हो रही है और मौसम साफ होने के बाद धुप, कंडे में या गैस से सुखाकर उसमें रंग-रोगन का कार्य किया जा रहा है, जो २ सिंतबर तक बनकर तैयार हो जायेगें। वहीं श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर्व को लेकर सभी हिन्दु धर्मलंबी खासा उत्साहित नजर आ रहे है और जिसकी तैयारी में जुट गये है।

श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर नंदलाला की होगी आराधना

आपकों बता दे कि द्वापर युग में भगवान श्रीहरि विष्णु ने माता देवकी की कोख से दुष्ट कंस का वध करने के लिए धरती पर आठवां अवतार लिया था। तभी से प्रतिवर्ष भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को श्री कृष्ण जन्माष्टमी के रूप से श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पर्व मनाया जाता है। जिसमें लोग भगवान श्रीकृष्ण की मूर्ति व फोटो स्थापित कर उसक ी पूजा अर्चना कर धूमधाम से यह पर्व मनाते हैं। वहीं श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर्व को लेकर लालबर्रा नगर मुख्यालय के कुम्हारी मोहल्ला में मूर्तिकारों के द्वारा भगवान श्रीकृष्ण की मूर्ति को अंतिम रूप देने का कार्य किया जा रहा है परन्तु पीओपी पर प्रतिबंध होने व मिट्टी खदान उपलब्ध नही होने के कारण उन्हे बेहद परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। साथ ही नगर मुख्यालय में मिट्टी की खदान नहीं होने के कारण मूर्ति निर्माण के लिये मूर्तिकारों को महंगे दामों पर दुर से मिट्टी लाकर मूर्ति व मिट्टी के बर्तन बनाने का कार्य कर रहे है। जबकि मूर्तिकारों के द्वारा प्रशासन से मिट्टी खदान के साथ-साथ ही जलाऊ लकड़ी एवं शासन से अन्य सुविधा मुहैया करवाने की मांग पूर्व में कर चुके है परन्तु अब तक उनकी मांगों को पूरा नही किया गया है। जिससे उन्हे अपना पुस्तैनी कार्य करने में परेशानी हो रही है। साथ ही प्रशासन के द्वारा कुम्हार (मूर्तिकारों) की मांगों की ओर कोई ध्यान नही दिया जा रहा है जिससे उनमें शासन-प्रशासन के प्रति रोष व्याप्त है।

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