जिले में लगातार बढ़ रहे साइबर अपराधों के बीच अब मोबाइल हैकिंग का एक नया मामला सामने आया है। जिला मुख्यालय से लगे ग्राम भमोड़ी में साइबर ठगों ने एक युवक का मोबाइल और व्हाट्सएप अकाउंट हैक कर उसके रिश्तेदारों, दोस्तों और परिचितों से पैसे मांगने शुरू कर दिए। घटना के सामने आने के बाद लोगों में साइबर सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।
जानकारी के अनुसार युवक का मोबाइल अचानक हैक हो गया और कुछ ही देर में उसका व्हाट्सएप अकाउंट मोबाइल से गायब हो गया। इसके बाद मोबाइल का नियंत्रण साइबर ठगों के हाथ में चला गया। साइबर अपराधियों ने युवक के व्हाट्सएप अकाउंट का इस्तेमाल करते हुए उसके संपर्क सूची में मौजूद लोगों को पैसों की मांग वाले संदेश भेजने शुरू कर दिए। बताया जा रहा है कि युवक के नंबर से करीब 200 से अधिक लोगों को मैसेज भेजे गए। संदेश में लिखा गया था कि मुझे अर्जेंट पैसों की जरूरत है, शाम तक लौटा दूंगा, 48 हजार रुपए भेज दो। चूंकि यह संदेश युवक के निजी व्हाट्सएप नंबर से भेजे जा रहे थे, इसलिए कई लोगों को शुरुआत में यह वास्तविक लगे। कुछ रिश्तेदारों और दोस्तों ने युवक को फोन कर पैसों की जरूरत के बारे में पूछताछ की, तब जाकर पूरे मामले का खुलासा हुआ। युवक ने बताया कि कुछ समय के लिए उसके मोबाइल का पूरा कंट्रोल साइबर ठगों के हाथ में चला गया था और उसके अकाउंट से लगातार संदेश भेजे जा रहे थे। इस दौरान उसे डर सताने लगा था कि कहीं साइबर अपराधी उसके बैंक खाते या मोबाइल में मौजूद अन्य निजी जानकारी तक पहुंचकर आर्थिक नुकसान न पहुंचा दें। हालांकि समय रहते युवक को मोबाइल हैक होने की जानकारी मिल गई। इसके बाद उसने तुरंत अपने परिचितों को सतर्क करना शुरू किया और पूरे मामले की शिकायत भी की। इसी वजह से वह बड़ी साइबर ठगी का शिकार होने से बच गया। युवक का कहना है कि यदि कुछ और देर तक यह जानकारी नहीं मिलती तो संभव था कि उसके कई परिचित ठगों के झांसे में आकर पैसे ट्रांसफर कर देते। इस प्रकार के मामलों में साइबर अपराधी किसी लिंक, ओटीपी , तकनीकी कमजोरी के जरिए मोबाइल , व्हाट्सएप अकाउंट को अपने नियंत्रण में ले लेते हैं। इसके बाद वे पीड़ित के संपर्कों को भावनात्मक , आपातकालीन संदेश भेजकर पैसे मांगते हैं। चूंकि संदेश परिचित व्यक्ति के नंबर से आते हैं, इसलिए लोग आसानी से भरोसा कर लेते हैं। पुलिस और साइबर विशेषज्ञों ने लोगों से अपील की है कि किसी भी व्यक्ति के नाम से अचानक पैसे मांगने वाला संदेश मिलने पर पहले सीधे फोन कर पुष्टि अवश्य करें। इसके अलावा किसी अनजान लिंक पर क्लिक न करें, ओटीपी साझा न करें और संदिग्ध एप डाउनलोड करने से बचें। जिले में लगातार बढ़ रहे साइबर अपराधों को देखते हुए पुलिस भी लोगों को जागरूक रहने की सलाह दे रही है। अधिकारियों का कहना है कि डिजिटल युग में छोटी सी लापरवाही भी बड़ी आर्थिक ठगी का कारण बन सकती है।










































