नई दिल्ली: केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के उस कथित बयान पर घमासान छिड़ गया है, जिसमें उन्होंने यह ऐलान किया है कि 2029 से पहले एनडीए शासित सभी 21 राज्यों में समान नागरिक संहिता ( UCC ) कर दिया जाएगा। अब इस पर जमीयत उलमा-ए-हिंद के अध्यक्ष मौलाना अरशद मदनी ने सवाल उठाए हैं। सोशल मीडिया पर पोस्ट जारी कर उन्होंने कहा कि देश संविधान से चलेगा या किसी राजनीतिक दल के वैचारिक एजेंडे से? उन्होंने UCC को धार्मिक स्वतंत्रता और संवैधानिक अधिकारों में हस्तक्षेप करने वाला कदम बताया।
उत्तराखंड हाईकोर्ट पहुंची जमीयत
अरशद मदनी ने कहा कि जमीयत उलमा-ए-हिंद देश के धर्मनिरपेक्ष संविधान, लोकतंत्र और कानून के शासन को कायम रखना चाहती है। इसी उद्देश्य से संगठन ने समान नागरिक संहिता के खिलाफ उत्तराखंड हाईकोर्ट का रुख किया है। उनके मुताबिक, मामले में अब तक छह सुनवाई हो चुकी हैं और जमीयत की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल समेत अन्य वकील अदालत में पेश हो चुके हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि संगठन को न्याय मिलेगा।





































