ट्रंप के दामाद कुशनर से जुड़े प्रोजेक्ट पर अल्बानिया में बवाल, प्रदर्शनकारी छात्रों पर वॉटर कैनन का इस्तेमाल

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प्रदर्शनकारियों द्वारा गुलाबी पक्षी फ्लेमिंगो की तस्वीरों वाले पोस्टर इस्तेमाल किए जाने के कारण इस आंदोलन को ‘फ्लेमिंगो क्रांति’ नाम दिया गया है। इस आंदोलन के तहत प्रस्तावित तटीय विकास परियोजना के विरोध में कई महीनों से रैलियां आयोजित की जा रही हैं, जिससे अल्बानिया में राजनीतिक तनाव और बढ़ गया है।Albania News: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दामाद जेयर्ड कुशनर से जुड़े विकास परियोजना के खिलाफ अल्बानिया में विरोध-प्रदर्शन हो रहे हैं। प्रदर्शन के दूसरे दिन इसमें छात्र भी शामिल हो गए। इस विकास परियोजना को लेकर अल्बानिया में विरोध-प्रदर्शन काफी तेज हो गया है। सड़कों पर उग्र प्रदर्शनकारियों और पुलिस की हिंसक भिड़त हुई है। प्रदर्शनकारियों को काबू में करने के लिए दंगा-रोधी उपकरणों से लैस पुलिसकर्मियों की तैनाती हुई है।

आंदोलन को ‘फ्लेमिंगो क्रांति’ नाम दिया गया

प्रदर्शन की शुरुआत अल्बानिया की सार्वजनिक शिक्षा व्यवस्था से जुड़ी शिकायतों को लेकर हुई थी। हालांकि, बाद में छात्र तथाकथित ‘फ्लेमिंगो’ सरकार-विरोधी आंदोलन में शामिल हो गए। यह आंदोलन व्यापक भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर प्रधानमंत्री एदी रामा के इस्तीफे की मांग कर रहा है। प्रदर्शनकारियों द्वारा गुलाबी पक्षी फ्लेमिंगो की तस्वीरों वाले पोस्टर इस्तेमाल किए जाने के कारण इस आंदोलन को ‘फ्लेमिंगो क्रांति’ नाम दिया गया है। इस आंदोलन के तहत प्रस्तावित तटीय विकास परियोजना के विरोध में कई महीनों से रैलियां आयोजित की जा रही हैं, जिससे अल्बानिया में राजनीतिक तनाव और बढ़ गया है।

वाटर कैनन और आंसू गैस का इस्तेमाल

कई घंटों तक पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए वाटर कैनन और आंसू गैस का इस्तेमाल किया। वहीं, प्रदर्शनकारियों ने शहर के केंद्र में सरकारी कार्यालयों और दुकानों पर हमला किया, खिड़कियां तोड़ दीं और कई इमारतों में आग लगा दी। दंगा-रोधी पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को बार-बार पीछे धकेलने की कोशिश की। इसके लिए आंसू गैस का भी इस्तेमाल किया गया, लेकिन भीड़ पर इसका बहुत कम असर दिखाई दिया। रात होते-होते प्रदर्शनकारी शहर के अलग-अलग हिस्सों में फैलते रहे और सरकारी इमारतों को निशाना बनाते रहे।दमकलकर्मियों ने आग पर काबू पाया

एक घटना में प्रदर्शनकारियों ने न्याय मंत्रालय की इमारत की खिड़कियां तोड़ने के बाद उसकी एक मंजिल में आग लगा दी। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को वहां से खदेड़ा, जिसके बाद दमकलकर्मियों ने आग पर काबू पाया। दिनभर प्रदर्शनकारियों ने सड़क की ईंटें और पेट्रोल बम फेंके, कूड़ेदानों में आग लगाई और सड़क पर लगे बैरिकेड्स व बाड़ का इस्तेमाल कर रास्ते अवरुद्ध किए। प्रदर्शनकारियों ने वित्त मंत्रालय की इमारत पर भी हमला किया। उन्होंने वहां लगी बाड़ का इस्तेमाल कर खिड़कियां तोड़ीं और दरवाजे तोड़ने की कोशिश की। इस दौरान कुछ प्रदर्शनकारी थोड़ी देर के लिए इमारत के अंदर भी घुस गए।

पुलिस द्वारा पीछे धकेले जाने के बाद प्रदर्शनकारी प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर बढ़े और इमारत पर पत्थर फेंकने लगे। इसके जवाब में पुलिस ने वाटर कैनन का इस्तेमाल किया। प्रधानमंत्री कार्यालय के प्रवेश द्वार के पास एक पेड़ में कुछ देर के लिए आग लग गई, जिसे दमकलकर्मियों ने बुझा दिया।

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