आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के क्षेत्र में दुनिया की दिग्गज कंपनियां बड़े पैमाने पर निवेश कर रही हैं और भारत की मौजूदा स्थिति को लेकर निवेशकों में बहुत उत्साह नहीं है। उन्हें लगता है कि यहां के टेक सेक्टर का भविष्य थोड़ा फीका है। हालांकि जोहो के फाउंडर श्रीधर वेम्बु ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में जो बात कही है, वह एक दूसरे पहलू को भी दिखाती है। निवेशकों की यह सोच कि भारत ने मौका गंवा दिया है। श्रीधर वेम्बु ने डीप-टेक की बात करते हुए कहा है कि अगले 10 से 15 साल में सबकुछ पता चल जाएगा। उनका मानना है कि निवेशकों की सोच से उलट हम विपरीत दांव लगाने को तैयार हैं। क्या कुछ कहा है श्रीधर वेम्बु ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में, आइए जानते हैं।
श्रीधर वेम्बु का सोशल मीडिया पोस्ट
श्रीधर वेम्बु का सोशल मीडिया पोस्ट एक न्यूज आर्टिकल को आधार बनाता है, जिसमें एआई को लेकर मौजूदा वैश्विक माहौल की बात की गई है। इस पर श्रीधर वेम्बु ने लिखा कि अमेरिका में AI को लेकर एक अलग ही दीवानगी है। वहां कंपनियों में इस पर पानी की तरह पैसा बहाने यानी भारी निवेश की होड़ मची है। इस होड़ के कारण सप्लायर्स जैसे- चिप बनाने वाली कंपनियां बंपर कमाई कर रही हैं, जबकि खरीदार पैसा चुका रहे हैं। इससे कंपनियों की मार्केट वैल्यू आसमान छू रही है।













































