नई दिल्ली: पश्चिम एशिया युद्ध की वजह से भारत का छोटा सा पड़ोसी देश मालदीव भयंकर आर्थिक तंगी से गुजर रहा है। लेकिन, पहले की तरह भारत ने फिर से अपनी नेबरहूड फर्स्ट पॉलिसी के तहत उसे उस योजना का लाभ पहुंचाया है, जो करीब 12 वर्षों से ठंडे बस्ते में पड़ा हुआ है। भारत ने दक्षिण एशियाई क्षेत्रीय सहयोग संघ(SAARC) फ्रेमवर्क के करेंसी स्वैपिंग तहत तत्काल ₹3,000 करोड़ निकासी को मंजूर दे दी है।
अधिकारियों का कहना है कि सार्क करेंसी स्वैप व्यवस्था के तहत मालदीव को लिक्विडिटी संकट के समय विदेश मुद्रा जुटाने में सहायता मिलेगी, ताकि उसे सिर्फ बाजार दरों पर लोन के भरोसे ही नहीं रहना पड़े। बता दें कि सार्क अब पहले की तरह सक्रिय संगठन नहीं है। हमारे सहयोगी अखबार ET की एक रिपोर्ट के अनुसार इससे भुगतान संतुलन का दबाव कम करने और आर्थिक स्थिरता स्थापित करने में उसे मदद मिलेगी।










































