सावधान! ककड़ी का स्वाद पड़ सकता है भारी, चंदन नदी पुल पर ककड़ी खाने से युवक की हालत बिगड़ी

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पद्मेश न्यूज। वारासिवनी। गर्मी के मौसम में सडक़ किनारे बिकने वाले फल और सब्जियां कभी कभी जानलेवा भी साबित हो सकते हैं। ऐसा ही एक सनसनीखेज मामला वारासिवनी क्षेत्र के अंतर्गत चंदन नदी पुल के पास सामने आया है। जहाँ ककड़ी खाने से एक युवक के लिए भारी पड़ गया। कीटनाशक युक्त ककड़ी खाने से युवक की तबीयत इस कदर बिगड़ी कि उसे आनन फ ानन में सिविल अस्पताल वारासिवनी में भर्ती कराना पड़ा। प्राप्त जानकारी के अनुसार खैरलांजी जनपद पंचायत के ग्राम खरखड़ी निवासी रोहित पिता रामकिशन रहाँगडाले ३५ वर्ष पेशे से डेकोरेशन व्यवसायी हैं। २५ अप्रैल की सुबह वे अपने साथी मुकेश हाडग़े के साथ पिकअप वाहन से जनरेटर लेने भरवेली बालाघाट गए हुए थे। वापसी के दौरान सुबह करीब १० बजे वारासिवनी के मेहंदीवाड़ा के पास चंदन नदी पुल के किनारे बिक रही कक डिय़ों को देखकर उन्होंने गाड़ी रोकी। रोहित ने १० रुपये की ककड़ी खरीदी और दोनों मित्र उसे खाने लगे। ककड़ी खाते समय ही रोहित को उसमें से तेज कीटनाशक दवाई की बदबू आई थी। मुकेश को भी उस गंध का अहसास हुआ लेकिन स्वाद और जल्दबाजी के चक्कर में दोनों ने इसे गंभीरता से नहीं लिया और ककड़ी खाकर अपने गाँव खरखड़ी के लिए रवाना हो गए। करीब ११.३० बजे जब रोहित अपने घर पहुँचा तो अचानक उसे तेज उल्टियां होने लगीं। उल्टियों से कीटनाशक की तीव्र गंध आने पर परिजनों के हाथ पांव फू ल गए। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए परिजनों ने तत्काल उसे निजी वाहन से सिविल अस्पताल वारासिवनी पहुँचाया। वर्तमान में रोहित रहाँगडाले का उपचार वारासिवनी सिविल अस्पताल में जारी है। डॉक्टरों की टीम उसकी स्थिति पर नजर बनाए हुए है। प्राथमिक रूप से इसे फूड पॉइजनिंग और कीटनाशक का प्रभाव माना जा रहा है। यह घटना उन सभी लोगों के लिए एक सबक है जो बिना जांचे परखे सडक़ किनारे बिकने वाली सामग्री का सेवन करते हैं। अक्सर किसान ककड़ी और अन्य सब्जियों को कीड़ों से बचाने के लिए उन पर तेज कीटनाशकों का छिडक़ाव करते हैं। यदि इन सब्जियों को बिना अच्छी तरह धोए या छिडक़ाव के तुरंत बाद बाजार में बेच दिया जाए तो यह उपभोक्ता के लिए जानलेवा हो सकती हैं।

महसूस हुई थी कीटनाश की बदबू फि र भी की अनदेखी-मुकेश हाडग़े

मुकेश हाडग़े ने बताया की रोहित और मैं भरवेली जनरेटर लाने के लिए गए हुए थे । डेकोरेशन में जनरेटर का काम था जो वापस खरखड़ी जाते हुए मेहंदीवाड़ा के चंदन नदी के पुल पर बिक रही ककड़ी खरीद कर हमने खाए थे । जिसमें रोहित को कीटनाशक की बदबू आई थी मुझे भी महसूस हुई हमने अनदेखा किया। घर में रोहित की हालत खराब हो गई तो उपचार के लिए अभी अस्पताल में लाकर भर्ती

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