अमित शाह ने की बारिश के हालात पर महाराष्ट्र और गुजरात के मुख्यमंत्रियों से बात, हर तरह की मदद का दिया भरोसा

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Shah speaks to Maharashtra, Gujarat CMs: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बुधवार को महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल से दोनों राज्यों में भारी बारिश से उत्पन्न स्थिति की समीक्षा को लेकर बात की। अधिकारियों ने बताया कि दोनों मुख्यमंत्रियों से अलग-अलग फोन पर हुई बातचीत में शाह ने उन्हें बारिश से संबंधित स्थिति से निपटने में केंद्र की ओर से हर संभव सहायता का आश्वासन दिया।

मुंबई में मूसलाधार बारिश

बुधवार को मुंबई (Mumbai Rain) में मूसलाधार बारिश हुई, जिससे लोकल ट्रेन सेवाएं विलंबित हुईं और कार्यालय जाने वाले लोगों को असुविधा हुई। शहर में सप्ताहांत में भी भारी बारिश हुई थी और मंगलवार को थोड़ी राहत मिली थी। पड़ोसी पालघर जिले के वसई-विरार खंड और दक्षिण गुजरात के कई स्थानों पर जलभराव के कारण गुजरात जाने वाली लंबी दूरी की ट्रेन सेवाएं बाधित रहीं।

सोमवार को भोर घाट खंड में हुए भूस्खलन के बाद मुंबई-पुणे मार्ग पर भी परिचालन पूरी तरह से बहाल नहीं हो पाया था। नगर निगम के अधिकारियों के अनुसार, मुंबई को पेयजल आपूर्ति करने वाले सात जलाशयों में से एक तुलसी झील, अपने जलग्रहण क्षेत्र में भारी बारिश के कारण देर रात ओवरफ्लो होने लगी। भारत मौसम विज्ञान विभाग ने मुंबई और उसके उपनगरों में दिन के दौरान रुक-रुक कर हल्की से मध्यम बारिश का पूर्वानुमान लगाया है।

दक्षिण गुजरात में भारी बारिश

दक्षिण गुजरात (Gujarat Rain) में भी मंगलवार को अत्यधिक भारी बारिश हुई, जिसमें सूरत जिला सबसे अधिक प्रभावित रहा। वहां बारिश से संबंधित घटनाओं में पांच लोगों की मौत हो गई, जबकि 2,100 लोगों को बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों से सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सूरत जिले के कामरेज तालुका में मंगलवार शाम 4 बजे तक 10 घंटों में 305 मिमी बारिश दर्ज की गई।

भारी बारिश के मद्देनजर नवसारी जिले और सूरत में मंगलवार को स्कूल और कॉलेज बंद रहे। भारत मौसम विज्ञान विभाग ने मंगलवार को अपने दोपहर के राज्य पूर्वानुमान में कहा, पिछले 24 घंटों में दक्षिण गुजरात क्षेत्र के जिलों, विशेष रूप से सूरत, वलसाड, दादरा और नगर हवेली में कुछ स्थानों पर अत्यधिक भारी बारिश हुई है।

सूरत नगर निगम के आयुक्त एम नागराजन ने पत्रकारों से बात करते हुए बताया कि विभिन्न क्षेत्रों से लगभग 2,100 लोगों को सुरक्षित आश्रयों में पहुंचाया गया है। जिला आपदा प्रबंधन कार्यालय के एक अधिकारी ने बताया कि पिछले दो दिनों में बारिश से संबंधित घटनाओं में कुल पांच लोगों की मौत हुई है। अधिकारी ने कहा, आज बिजली के झटके से दो लोगों की मौत हुई, जबकि कामरेज क्षेत्र में एक अन्य व्यक्ति की मृत्यु हुई। सोमवार को सूरत के रंदर क्षेत्र में बिजली के झटके से दो लोगों की मौत हुई।

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