उज्जैन: महाकाल की नगरी उज्जैन के पीपली नाका इलाके में मंगलवार को एक रोंगटे खड़े कर देने वाला हादसा हो गया। यहां एक सीवेज चेंबर ब्लॉक क्लीयर करने उतरे तीन सफाईकर्मी जहरीली गैस की चपेट में आ गए। हादसे में दम घुटने से एक सफाई कर्मचारी की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि दो अन्य को गंभीर हालत में जिला अस्पताल के आईसीयू में भर्ती कराया गया है।
मृतक की पहचान अशोक (निवासी सालाखेड़ी, आलोट, रतलाम) के रूप में हुई है। वह चेंबर में ब्लॉक क्लियर करने उतरा था, तभी अचानक पैर फिसलने और जहरीली गैस की चपेट में आने से बेहोश हो गया। उसे बचाने उतरे दो साथी गोपाल डाबी और रमेश चौहान भी गैस के कारण वहीं अचेत हो गए।एसपी ने खुद रुकवाई गाड़ी, कराया रेस्क्यू
हादसे के वक्त वहां से गुजर रहे उज्जैन एसपी प्रदीप शर्मा ने जब चेंबर के पास भीड़ देखी, तो उन्होंने तुरंत अपनी गाड़ी रुकवाई। एसपी ने पुलिस टीम और स्थानीय लोगों की मदद से तीनों अचेत कर्मचारियों को बाहर निकलवाकर अस्पताल भिजवाया।कैसे हुई पूरी घटना
- दोपहर का वक्त: सुपरवाइजर चंद्रकांत शुक्ला की अगुवाई में जेटिंग मशीन लेकर टीम चेंबर की ब्लॉकेज खोलने पीपली नाका पहुंची थी।
- हादसा: सुपरवाइजर आगे के चेंबर चेक करने गया, इसी दौरान अशोक बिना सुरक्षा उपकरणों के चेंबर के अंदर उतरा और गैस चढ़ने से गिर गया।
- रेस्क्यू: अशोक को बचाने उतरे गोपाल और रमेश भी अंदर ही बेहोश हो गए। लौटकर सुपरवाइजर ने शोर मचाया।
- एसपी का एक्शन: मौके से गुजर रहे एसपी प्रदीप शर्मा ने फौरन रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू करवाया।
- अस्पताल में स्थिति: डॉक्टरों ने अशोक को मृत घोषित कर दिया, जबकि गोपाल और रमेश का आईसीयू में इलाज जारी है।
जीवाजीगंज थाना प्रभारी प्रतीक शर्मा ने बताया कि अभी घायल कर्मचारियों के बयान दर्ज होना बाकी है। यदि ठेकेदार कंपनी की ओर से सुरक्षा मानकों में लापरवाही पाई जाती है, तो उनके खिलाफ कड़ी धाराओं में केस दर्ज कर गिरफ्तारी की जाएगी।










































