इस्लामाबाद/नई दिल्ली: पाकिस्तान के डिफेंस एक्सपर्ट्स ने चेतावनी देते हुए असीम मुनीर को जल्द से जल्द इंटीग्रेटेड बैटल ग्रुप्स यानि IBG बनाने को कहा है। पाकिस्तानी एक्सपर्ट्स की चेतावनी उस वक्त आई है जब भारत ने इस महीने ‘इंटीग्रेटेड बैटल ग्रुप’ कॉन्सेप्ट को लागू कर दिया है। यह हाल के समय में भारतीय सेना के सबसे महत्वपूर्ण संगठनात्मक सुधारों में से एक की शुरुआत है। IBG को फुर्तीले, ब्रिगेड-आकार के और आत्मनिर्भर लड़ाकू समूहों के रूप में तैयार किया गया है। इनका मकसद भारत की संवेदनशील सीमाओं पर तेजी से तैनाती और एक साथ ऑपरेशन को अंजाम देने में सक्षम बनाना है।
यह कदम रक्षा मंत्रालय की तरफ से पिछले साल अरुणाचल प्रदेश और सिक्किम में ‘लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल’ (LAC) के पहाड़ी इलाकों के लिए IBG बनाने की मंजूरी के बाद उठाया गया है। यह प्रक्रिया 1 जुलाई को पूरी हुई जब छह मेजर जनरलों ने चीन के साथ उत्तरी सीमा पर तैनात 17 माउंटेन स्ट्राइक कोर (ब्रह्मास्त्र कोर) के तहत पांच नए गठित IBG और एक समर्पित ‘फायर सपोर्ट ग्रुप’ (FSG) की कमान संभाली।
भारत का इंटीग्रेटेड बैटल ग्रुप्स क्या है?
दरअसल पारंपरिक रूप से सेना की अलग अलग इकाइयों जैसे इन्फेंट्री, आर्टिलरी, टैंक और मेडिकल यूनिट को अलग-अलग जगह से युद्ध के मैदान तक पहुंचने में काफी समय लगता है। अब आईबीजी बनाया गया है। IBG एक ‘मिनी आर्मी’ यानि छोटी सेना की तरह है। इसमें ये तमाम यूनिट एक साथ होंगे। एक ही कमांडर के नीचे इन सभी अलग अलग यूनिट को जोड़ दिआ गया है।
- यह एक ब्रिगेड से बड़ा और डिवीजन से छोटा होता है जिसमें लगभग 5,000 सैनिक होते हैं।
- हर IBG में पैदल सेना, तोपखाना, इंजीनियर, मेडिकल और रसद की सुविधा है।
- पहले पूरी ‘कोर’ जिसमें 1 लाख तक सैनिक होते हैं उसे मोबिलाइज करने में बहुत दिन लगते थे।
- लेकिन IBG कुछ ही घंटों में फ्रंट पर तैनात होने के लिए तैयार हो जाते हैं
- इसकी पहली तैनाती मुख्य रूप से चीन सीमा (LAC) की रक्षा और रणनीतिक हमलों के लिए पनागढ़ स्थित 17 माउंटेन स्ट्राइक कोर में की गई है।
पाकिस्तानी एक्सपर्ट्स की असीम मुनीर को चेतावनी
पाकिस्तान के डिफेंस एक्सपर्ट बिलाल खान ने लिखा है कि पाकिस्तानी सेना को भी भारत की तरह ही IBG यूनिटस् बनाने की सख्त जरूरत है। पाकिस्तान स्थित रणनीतिक थिंक टैंक को आकलन के अनुसार भारत के इस कदम से अब भारतीय सेना को युद्ध के मैदान तक पहचाना काफी आसान हो गया है। IBGs के गठन और संचालन से भारतीय सेना की लामबंदी और प्रतिक्रिया का समय काफी कम हो गया है।










































