वन विभाग के अधिकारियों पर आदिवासी ग्रामीणों ने लगाए प्रताड़ना और जातिगत अपमान के आरोप, कलेक्टर जनसुनवाई में पहुंचकर की शिकायत,

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पदमेश न्यूज़।बालाघाट। किरनापुर विकासखंड अंतर्गत ग्राम देउटाला और बटामा के आदिवासी ग्रामीणों ने मंगलवार को आयोजित जनसुनवाई में कलेक्टर के समक्ष वन विभाग के अधिकारियों के खिलाफ गंभीर शिकायत दर्ज कराई। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि वन विभाग के कुछ अधिकारी और कर्मचारी उन्हें लगातार प्रताड़ित कर रहे हैं, जातिसूचक शब्दों से अपमानित कर रहे हैं तथा खेती-किसानी करने से रोकते हुए गांव खाली करने की धमकी दे रहे हैं। ग्रामीणों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी अधिकारियों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की मांग की है।जनसुनवाई में रोशन पिता बरातू, अकालसिंह पिता आमू, चरणसिंह पिता सुद्ध टेकाम, समेलाल पिता मुन्शी, बाबूलाल पिता लखन मरकाम, राधेलाल पिता बोधीसिंह वरकड़े, लामू पिता छोटेलाल वरकड़े, रामचंद पिता दादू टेकाम, सम्पतिबाई पति नवजे मरसकोले, प्रताप पिता मोहन उइके, चन्दन पिता मेहतर मरसकोले, कुमार पिता रामलाल मड़ावी, मोहन पिता केजू पन्द्रे तथा सालिकराम पिता मोहन उइके सहित ग्राम देउटाला एवं बटामा के ग्रामीणों ने सामूहिक आवेदन प्रस्तुत किया।

पीढ़ियों से उक्त भूमि पर करते आ रहे खेती, अब विभाग कर रहा बेदखल
ग्रामीणों ने आवेदन में उल्लेख किया है कि वे सभी गोंड आदिवासी समाज से आते हैं और पीढ़ियों से उक्त गांव में निवास कर कृषि कार्य के माध्यम से अपने परिवार का पालन-पोषण करते आ रहे हैं। उनका कहना है कि खेती ही उनकी आजीविका का एकमात्र साधन है। वर्तमान में खरीफ फसल की बुवाई का समय चल रहा है और यदि उन्हें खेती से रोका गया तो उनके सामने आर्थिक संकट खड़ा हो जाएगा तथा पूरे वर्ष की आजीविका प्रभावित होगी।

फर्जी मामले दर्ज कर बनाया जा रहा दबाव
आवेदन में यह भी बताया गया है कि ग्रामीणों के विरुद्ध वन विभाग द्वारा पूर्व में वन अधिनियम, 1927 की धारा 26(1)(एच) के अंतर्गत न्यायालय में प्रकरण प्रस्तुत किए गए थे, जिनमें से एक मामले में संबंधित आरोपित ग्रामीणों को न्यायालय द्वारा दोषमुक्त भी किया जा चुका है। इसके बावजूद वन विभाग के अधिकारियों द्वारा लगातार दबाव बनाए जाने और प्रताड़ित किए जाने का आरोप लगाया गया है।ग्रामीणों ने कलेक्टर से मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष एवं उच्च स्तरीय जांच कराई जाए, उन्हें कृषि कार्य करने से न रोका जाए तथा यदि शिकायतों में सत्यता पाई जाती है तो संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के विरुद्ध नियमानुसार दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

गांव छोड़कर चले जाओ, नही तो बल बुलावाकर गांव से बाहर कर देंगे
शिकायत में ग्रामीणों ने वन परिक्षेत्र किरनापुर के डिप्टी रेंजर विनोद बिंझाड़े तथा संबंधित बीटगार्डों पर आरोप लगाते हुए कहा कि वे लंबे समय से उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रहे हैं।आवेदन के अनुसार अधिकारियों द्वारा कथित रूप से ग्रामीणों से कहा जा रहा है कि वे गांव छोड़कर अन्यत्र चले जाएं, अन्यथा पुलिस बल बुलाकर उन्हें गांव से बाहर कर दिया जाएगा। ग्रामीणों का यह भी आरोप है कि उन्हें खेती करने से रोका जा रहा है और खेत की जुताई के लिए लाए गए ट्रैक्टरों को जब्त कर परेशान किया जाता है। कुछ मामलों में ट्रैक्टर छोड़ने के नाम पर अवैध वसूली किए जाने का भी आरोप लगाया गया है।
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