वो 14 मिनट… जब काहिरा के एक कॉफी हाउस में गम में बदला जश्न, सिसकियों में बदली चहक

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काहिरा (एपी)। काहिरा स्थित एक कॉफी हाउस का मंगलवार को नजारा देखने लायक था, जहां स्थित लोगों का जोश और उत्साह कुछ मिनट के अंदर सन्नाटे में बदल गया। वहां सुनाई दे रही थी तो सिर्फ सिसकियां। अर्जेंटीना और मिस्र के बीच खेले गए मैच के शुरू होने से पहले ही इस कॉफी हाउस में सैकड़ों लोग जमा हो गए थे। इनमें अधिकतर पुरुष थे, जिन्होंने मिस्र को दो गोल की बढ़त मिलने के बाद आसमान सर पर उठा रखा था। 67वें मिनट तक मिस्र 2-0 से आगे था।

यह सभी प्रशंसक मस्ती में झूम रहे थे क्योंकि उनकी टीम की जीत सुनिश्चित लग रही थी जो विश्व कप में उसकी सबसे बड़ी जीत होती। लेकिन 14 मिनट में पासा पलट गया और अर्जेंटीना 3-2 से मैच जीतने में सफल रहा। अचानक चारों तरफ सन्नाटा पसर गया। किसी को भी इस पर विश्वास नहीं हो रहा था। कई प्रशंसक अपने आंसू नहीं रोक पाए। यह स्थिति केवल एक कॉफी हाउस की नहीं बल्कि पूरे देश की थी जहां लोग जीत का जश्न मनाने के लिए तैयारी कर चुके थे।

मिस्र ने रचा था इतिहास

मैच के बाद शिक्षक अहमद सादानी ने कहा, ‘यह एक बेहद दुखद स्थिति है। इस सफर का अंत इस तरह नहीं होना चाहिए था।’ अपने स्टार खिलाड़ी मोहम्मद सालाह के दम पर मिस्र ने शुक्रवार को राउंड ऑफ 32 में ऑस्ट्रेलिया के साथ 1-1 से ड्रॉ खेलने के बाद पेनल्टी शूटआउट में 4-2 से जीत हासिल करके राउंड ऑफ 16 में जगह बनाई थी।

काहिरा के एक खचाखच भरे कॉफी हाउस में बैठे हसन शेहाता ने कहा, ‘कुल मिलाकर प्रदर्शन शानदार रहा। हम प्रगति कर रहे हैं। हम खेलते हैं और प्रतिस्पर्धा करते हैं।’ यह मिस्र का चौथा विश्व कप है, जिसमें सात अफ्रीका कप ऑफ नेशंस ट्रॉफी जीतने वाला सबसे अधिक आबादी वाला अरब देश यह साबित कर चुका है कि उसे हराना आसान नहीं है।

कॉफी हाउस में जश्न बदला मातम में

गीजा के एक खचाखच भरे कॉफी हाउस में, कई लोग खुद को मिस्र के झंडे से लपेटे हुए या उसे लहराते हुए, ‘मसर, मसर, मसर!’ के नारे लगाते हुए देखे गए जो मिस्र का अरबी नाम है, जबकि अन्य लोग ढोल बजा रहे थे। जब मिस्र ने गोल किया और जब अर्जेंटीना के गोलकीपर ने मेसी की पेनल्टी किक बचाई, तो कॉफी हाउस में जोरदार शोर मच गया, लेकिन फिर अर्जेंटीना के गोल करने पर पूरे परिसर में सन्नाटा छा गया।

अंतिम सीटी बजने के बाद 13 वर्षीय हैथम राफत फूट-फूट कर रोने लगा। उसने कहा, ‘यह अन्याय है। रेफरी निष्पक्ष नहीं था।’ राष्ट्रपति अब्देल-फतह अल-सिसी ने टीम की ’मिस्र के फुटबॉल के इतिहास में अभूतपूर्व उपलब्धि’ की सराहना की। उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा, ’राष्ट्रीय फुटबॉल टीम के नायकों को धन्यवाद। हमें आप पर और आपकी उपलब्धि पर गर्व है।’

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