उज्जैन में सात साल के बच्चे को बनाया बाल आरक्षक, नीमच में बीमारी से हुआ था उसके पुलिसकर्मी पिता का निधन

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 उज्जैन। आरक्षक की मृत्यु के बाद परिवार पर आए संकट के बीच पुलिस विभाग ने संवेदनशीलता दिखाते हुए उनके 7 वर्षीय पुत्र को बाल आरक्षक पद पर अनुकंपा नियुक्ति प्रदान की। पुलिस महानिरीक्षक के आदेश पर एसपी प्रदीप शर्मा ने बालक को नियुक्ति पत्र प्रदान किया।

नीमच में पदस्थ आरक्षक मयंक गिरवाल का 12 जून 2025 को गंभीर बीमारी के चलते 32 वर्ष की आयु में निधन हो गया था। उनके निधन के बाद परिवार पर आजीविका का संकट भी गहरा गया। गिरवाल अपने सेवाकाल में कर्तव्यनिष्ठ और अनुशासित पुलिसकर्मी के रूप में जाने जाते थे।

परिवार की आर्थिक स्थिति को देखते हुए उनकी पत्नी अर्चना गिरवाल ने अपने 7 वर्षीय पुत्र वंश गिरवाल को बाल आरक्षक के पद पर अनुकंपा नियुक्ति देने के लिए पुलिस अधीक्षक, नीमच को आवेदन दिया था। हालांकि नीमच जिले में पद रिक्त नहीं होने के कारण यह मामला लंबित बना रहा।

उज्जैन बुलाकर पूरी की कार्रवाई

मामले की गंभीरता को समझते हुए एडीजी राकेश गुप्ता ने प्रकरण पुलिस अधीक्षक उज्जैन को भेजा, ताकि नियुक्ति की प्रक्रिया शीघ्र पूरी की जा सके। बुधवार को स्वर्गीय आरक्षक का परिवार उज्जैन पहुंचा, जहां भर्ती से जुड़ी सभी आवश्यक औपचारिकताएं पूरी कराई गईं। पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाना के दौरे के कारण प्रशासनिक स्तर पर व्यस्तता अधिक थी, इसके बावजूद इस मामले को प्राथमिकता में रखते हुए त्वरित कार्रवाई की गई।

एसपी ने सौंपा नियुक्ति पत्र

पुलिस अधीक्षक प्रदीप शर्मा ने अर्चना गिरवाल और स्थापना लिपिक नितिन वर्मा को देवास रोड स्थित एडीजी कार्यालय बुलाया और यहां सभी औपचारिकताएं पूर्ण करने के बाद बाल आरक्षक पद पर अनुकंपा नियुक्ति का आदेश जारी कर तत्काल सौंप दिया गया।

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