पद्मेश न्यूज। लालबर्रा। लालबर्रा से वारासिवनी हाईवे मार्ग पर स्थित ग्राम खमरिया का मुख्य चौक इन दिनों दुर्घटनाओं का केंद्र बन गया है। चारों दिशाओं से आने वाले वाहनों की अनियंत्रित गति और सुरक्षा इंतजामों के अभाव ने ग्रामीणों का राह चलना दूभर कर दिया है। स्थिति यह है कि पूर्व में बनाये गये स्पीड ब्रेकर अब भारी वाहनों के दबाव से घिसकर सडक़ के समतल हो चुके हैं। जिससे वाहन चालक धीमी गति के बजाय फर्राटा भरते हुए निकलते हैं। जिसके चलते कई बार दुर्घटनाएं घटित हो चुकी है औैर बड़ी दुर्घटना होने की संभावना बनी हुई है। जबकि खमरिया के इस चौराहा चौक के दोनों साइड में स्कूल है और चार दिशाओं से लोग इस चौक से आगे की ओर निकलते है। लेकिन स्पीड ब्रेकर या बैरिकेड्स नही होने के कारण दुपहिया, चौपहिया वाहन तेज गति से गुजरते है उन्हे पता नही रहता कि इस चौक से चार दिशाओं की ओर लोगों का आवागमन होता है। ऐसी स्थिति में आने-जाने वालों को बेहद परेशानियों का सामना करना पड़ता है। वहीं इस चौक पर स्पीड ब्रेकर बनाने एवं चौराहा चौक है, धीरे चले जैसे कोई संकेतक बोर्ड भी नही लगाये गये है। जबकि लंबे समय से सडक़ विभाग से स्पीड ब्रेकर व संकेतक बोर्ड लगाने की मांग ग्रामीण एवं राहगीरों के द्वारा की जा रही है। लेकिन जिम्मेदारों के द्वारा कोई ध्यान नही दिया जा रहा है जिससे ऐसा प्रतीत हो रहा है कि प्रशासन किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है। लोगों में शासन-प्रशासन के प्रति रोष व्याप्त है।
चार प्रमुख मार्गोंका मिलन स्थल है यह चौक
खमरिया पंचायत भवन के सामने वाला चौक केवल एक साधारण चौराहा नहीं है। बल्कि यह लालबर्रा, वारासिवनी, निलजी, कामथी, नैतरा और कटंगझरी की ओर जाने वाले मार्गों का मुख्य केन्द्र बिन्दु है। इस मार्गोंसे दर्जनों गांवों के ग्रामीण अपने दैनिक कार्यों के लिए इसी चौक का उपयोग करते हैं। ब्रेकर और बैरिकेड न होने के कारण चारों दिशाओं से आने वाले वाहन चौराहे पर एक-दूसरे को देख नहीं पाते और अनियंत्रित होकर टकरा जाते हैं। जिससे रोजाना छोटी-बड़ी दुर्घटनाएं होते रहती है। साथ ही इस चौक की संवेदनशीलता इसलिए भी अधिक है क्योंकि यहां प्रमुख जन.सुविधाएं स्थित हैं। ग्राम पंचायत कार्यालय, सोसायटी, शासकीय प्राथमिक, माध्यमिक एवं हायर सेकेण्डरी स्कूल स्थित है। जिसके कारण दिनभर ग्रामीणों का आना-जाना लगा रहता है। साथ ही स्कूल की छुट्टी और लगने के समय छोटे बच्चों की भारी भीड रहती है। साथ ही खमरिया से लालबर्रा, वारासिवनी सहित अन्य स्थानों पर जाने वाले यात्रीगण भी इसी चौक पर रूककर आगे जाने के लिए बस का इंतजार करते है। लेकिन वाहनों के तेज गति से गुजरने के कारण बस का इंतजार करने वाले यात्री और स्थानीय दुकानों पर आने वाले लोग हर वक्त हादसे के साये में रहते हैं। वहीं ग्रामीणों का कहना है कि कई बार शासन-प्रशासन को इस समस्या से अवगत करवाया गया है। लेकिन जिम्मेदार अधिकारी किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहे है। न तो नये ब्रेकर बनाये जा रहे है और न ही पुलिस प्रशासन के द्वारा बैरिकेड्स लगाये गये है।
हादसों को दावत दे रहे समतल ब्रेकर
ग्रामीण एवं राहगीरों ने बताया कि लालबर्रा से वारासिवनी पहुंच मार्ग स्थित खमरिया के दो मुख्य चौराहा चौक में सडक़ विभाग द्वारा पूर्व में ब्रेकर का निर्माण तो किया गया था। लेकिन निर्माण की गुणवत्ता और भारी वाहनों, डंपर व ट्रकों की आवाजाही के कारण वे अब पूरी तरह खत्म हो चुके हैं। संकेतक बोर्ड न होने से बाहरी वाहन चालक सीधे चौक में तेज रफ्तार से प्रवेश करते हैं, जिससे आने-जाने वाले लोगों को परेशानी होने के साथ ही दुर्घटना के शिकार हो रहे है। इसलिए प्रशासन से मांग है कि खमरिया के जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक के सामने वाले चौक एवं पंचायत भवन के सामने स्थित चौराहा चौक के चारों ओर मजबूत कांक्रीट ब्रेकर का निर्माण होना चाहिए, यातायात पुलिस द्वारा स्थायी या अस्थायी बैरिकेड्स लगाये जाये, स्कूल और पंचायत के पास धीमे चले के संकेतक बोर्ड लगाये जाये।
प्रशासन को चाहिए कि जनहित और सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए तत्काल इस ओर ध्यान दे ताकि खमरिया चौक पर होने वाली रोजमर्रा की दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाया जा सके।










































