वार्ड क्रमांक 12 बूढी क्षेत्र में शराब दुकान हटाने को लेकर जारी महिलाओं के आंदोलन में बालाघाट विधायक अनुभा मुंजारे एक बार फिर शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने जिला प्रशासन और सत्ता पक्ष के जनप्रतिनिधियों पर जमकर निशाना साधा और शराब दुकान के स्थान परिवर्तन की मांग को जोरदार तरीके से उठाया। विधायक ने कहा कि आज शासकीय कार्यालय एक स्थान से दूसरे स्थान पर लगातार स्थानांतरित किए जा रहे हैं, लेकिन पिछले कई दशकों से संचालित बूढी की शराब दुकान को अब तक नहीं हटाया गया। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर सत्ता पक्ष के जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी इस मामले में कार्रवाई क्यों नहीं कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि वार्ड क्रमांक 12 और 25 की जनता के साथ भेदभाव किया जा रहा है और महिलाओं की समस्याओं को नजरअंदाज किया जा रहा है। विधायक ने सरकार की नीतियों पर भी सवाल खड़े करते हुए कहा कि एक ओर महिलाओं के हित में कानून बनाने की बात की जाती है, वहीं दूसरी ओर जमीनी स्तर पर उनकी समस्याओं की अनदेखी हो रही है। प्रदर्शन के दौरान एक व्यक्ति शराब खरीदने दुकान पहुंच गया, जिस पर विधायक ने नाराजगी जताते हुए उसे फटकार लगाई और शराब वापस कराकर उसके पैसे भी लौटवाए। इस घटना के बाद प्रदर्शन स्थल पर मौजूद लोगों में चर्चा का माहौल बना रहा। विधायक ने स्पष्ट कहा कि जब तक शराब दुकान को रिहायशी क्षेत्र से हटाया नहीं जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा और जरूरत पड़ी तो इसे और उग्र रूप दिया जाएगा।
शहर के वार्ड क्रमांक 12 स्थित शराब दुकान को अन्यत्र स्थानांतरित किए जाने की मांग को लेकर चल रहे महिलाओं के अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन को अब जनप्रतिनिधियों का समर्थन भी मिलने लगा है। 1 मई की रात लगभग 9 बजे बालाघाट विधायक अनुभा मुंजारे धरना स्थल पर पहुंचीं और महिलाओं से चर्चा कर उनके आंदोलन को अपना पूर्ण समर्थन दिया। विधायक मुंजारे ने कहा कि जिलेभर में जहां-जहां भी शराब दुकानों के खिलाफ महिलाएं आंदोलन कर रही हैं, वे उनके साथ हैं। उन्होंने कहा कि हाल ही में इस दुकान को लेकर जो विवाद और मारपीट की घटनाएं सामने आई हैं, वे बेहद चिंताजनक हैं और इस प्रकार की घटनाओं के जरिए महिलाओं के आंदोलन को दबाने का प्रयास किया जा रहा है, जो कतई उचित नहीं है। उन्होंने बताया कि उन्होंने इस मुद्दे को विधानसभा सत्र में भी उठाया था और अपने क्षेत्र के कई ज्वलंत मुद्दों को सरकार के सामने रखा, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि सरकार को इस विषय को गंभीरता से लेना चाहिए और महिलाओं की मांग पर शीघ्र निर्णय लेना चाहिए। विधायक ने यह भी कहा कि महिला जनप्रतिनिधियों को राजनीति से ऊपर उठकर इस मुद्दे पर आगे आना चाहिए। उन्होंने महिला सांसद, नगर पालिका अध्यक्ष सहित अन्य महिला प्रतिनिधियों से अपील की कि वे मानवता के आधार पर इस मांग का समर्थन करें और शराब दुकान को हटाने की दिशा में पहल करें। धरना स्थल पर उस समय कुछ देर के लिए तनावपूर्ण माहौल बन गया, जब एक व्यक्ति विधायक के सामने ही शराब खरीदने पहुंच गया। इस पर विधायक मुंजारे ने नाराजगी जताते हुए उसे फटकार लगाई। इसके बाद उक्त व्यक्ति ने अपनी गलती स्वीकार करते हुए खरीदी गई बोतलें वापस कर दीं और माफी मांगी। इस दौरान वहां मौजूद महिलाओं ने भी विधायक के समर्थन में आवाज बुलंद की और कुछ ने अन्य जनप्रतिनिधियों के प्रति नाराजगी व्यक्त की। धरना स्थल पर कांग्रेस से जुड़े पार्षद और कार्यकर्ता भी बड़ी संख्या में मौजूद रहे। वार्ड क्रमांक 2 के पार्षद योगराज लिल्हारे, विधायक प्रतिनिधि शफकत खान, अनिल सोनी, पन्ना शर्मा, राजेश ठाकुर सहित अन्य कांग्रेसजन प्रदर्शन में शामिल हुए और एक स्वर में शराब दुकान को अन्यत्र स्थानांतरित करने की मांग की। पार्षदों ने तर्क दिया कि जब शहर से कलेक्टर कार्यालय, एसपी कार्यालय और एसडीएम कार्यालय जैसे महत्वपूर्ण शासकीय दफ्तरों को स्थानांतरित किया जा सकता है, तो फिर रिहायशी क्षेत्र से शराब दुकान हटाने में क्या बाधा है। विधायक मुंजारे ने भी इस तर्क का समर्थन करते हुए कहा कि यदि प्रशासनिक कार्यालयों का स्थान परिवर्तन संभव है, तो शराब दुकान को भी अन्यत्र स्थानांतरित किया जाना चाहिए, ताकि नागरिकों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि अलग-अलग वार्डों में महिलाओं के आंदोलनों के साथ भेदभाव किया जा रहा है।










































