नौकरी लगवाने के नाम पर ३ लाख रूपये की हुई धोखाधड़ी

0

आरोपी के खिलाफ पीडि़त ने थाना प्रभारी को सौंपी लिखित शिकायत

पद्मेश न्यूज। वारासिवनी। नौकरी लगाने के नाम पर लाखों रुपये की धोखाधड़ी किए जाने का एक मामला सामने आया है। वारासिवनी थाना अंतर्गत ग्राम जोड़ापाट कायदी निवासी एक कपड़ा व्यवसायी से उनकी बेटी को फ ूड इंस्पेक्टर बनाने के नाम पर करीब तीन लाख रुपये की धोखाधड़ी की गई है। पीडि़त ने वारासिवनी थाना प्रभारी पवन यादव को लिखित आवेदन सौंपकर आरोपियों के खिलाफ जालसाजी, धोखाधड़ी और विश्वासघात की धाराओं में प्राथमिकी एफआईआर दर्ज कर कड़ी वैधानिक कार्यवाही करने की मांग की है।

मंत्रालय और नेताओं के रसूख का दिया झांसा

प्राप्त जानकारी के अनुसार ग्राम जोड़ापाट निवासी पीडि़त विजय कुमार पिता कुंजीलाल दमाहे ५० वर्ष की गांव में ही कपड़े की दुकान है। उनकी पुत्री संभ्या दमाहे २५ वर्ष ने भोपाल से एमबीए की पढ़ाई पूरी की है। पीडि़त ने बताया कि वर्ष २०१८ में जब गांव में सडक़ निर्माण का कार्य चल रहा था तब नागपुर जफ र नगर गिट्टी खदान निवासी आरोपी जावेद खान वहां किराए से रहता था जिससे उनका परिचय हुआ था। वर्ष २०२४ में जावेद खान ने विजय कुमार से कहा कि नागपुर निवासी उसका एक परिचित सुरेंद्र तेलंगे मुंबई मंत्रालय बड़े नेताओं और आला अधिकारियों के बीच अच्छा प्रभाव रखता है। उसने झांसा दिया कि वह उनकी उच्च शिक्षित बेटी को फूड इंस्पेक्टर के पद पर स्थायी नौकरी लगवा सकता है। इस काम के एवज में आरोपियों ने कुल ९ लाख रुपये की मांग की थी। आरोपियों की बातों में आकर पीडि़त विजय कुमार ने ३ और ४ अगस्त २०२४ को फोन.पे के माध्यम से दो लाख रुपये सुरेंद्र तेलंगे के बैंक खाते में ट्रांसफ र कर दिए। इसके बाद आरोपी जावेद खान युवती की असली शैक्षणिक दस्तावेजों के साथ नागपुर और फि र दो बार मुंबई स्थित मंत्रालय ले गया। वहां उसने मंत्रालय के कुछ विभागों में ले जाकर अधिकारियों से काम होने का नाटक किया। यही नहीं आरोपियों ने मुंबई के ही एक दफ्तर में युवती का फर्जी इंटरव्यू भी आयोजित कराया ताकि पीडि़त को पूरा भरोसा हो जाए। इस दौरान यात्रा खर्च नगद और ऑनलाइन ट्रांजैक्शन के जरिए कुल मिलाकर करीब तीन लाख रुपये ऐंठ लिए गए। आरोपी लगातार आश्वासन देता रहा कि मंत्रालय में सारा काम हो चुका है और जल्द ही आधिकारिक नियुक्ति पत्र डाक द्वारा घर आ जाएगा। जब एक साल से अधिक का समय बीत जाने के बाद भी जॉइनिंग लेटर नहीं आया तो पीडित ने जावेद खान से कड़ाई से पूछताछ की। इस पर आरोपी टालमटोल करने लगा और मामला दबाने या नौकरी पक्की करने के नाम पर १८००००० रुपये की और मांग करने लगा। खुद को ठगा हुआ महसूस होने पर पीडि़त विजय कुमार दमाहे ने वारासिवनी पुलिस थाने पहुंचकर थाना प्रभारी को दोनों नामजद आरोपियों जावेद खान और सुरेंद्र तेलंगे के खिलाफ फोन.पे ट्रांजैक्शन के सबूतों और मोबाइल नंबरों सहित लिखित शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस ने आवेदन को जांच में ले लिया है।

लगातार बढ़ रही ठगों की संख्या

क्षेत्र में लंबे समय से नौकरी लगाने के नाम पर रुपए एटने और फि र फ रार हो जाने के मामले लंबे समय से सामने आ रहे हैं। हाल ही में शासकीय महाविद्यालय वारासिवनी में कार्यरत जनभागीदारी कर्मचारी प्रीतम डहरवाल का मामला सामने आया था जिसके द्वारा अपने एक साथी के साथ मिलकर बहुत से बेरोजगार युवक युवती से रुपए लेकर उन्हें नौकरी का झांसा दिया गया था। इसके पहले भी इस प्रकार के मामले सामने आ चुके हैं और अब यह एक नया मामला आया है। ऐसे में शासन प्रशासन को युवाओं को जागरूक करने और यह रुपए लेकर नौकरी लगने वाले गिरोह पर कठोर कार्यवाही करनी चाहिए ताकि दोबारा ऐसा कोई व्यक्ति किसी को झांसे में लेकर ना कर सके। वहीं शासन स्तर पर जागरूकता अभियान चलाने की भी आवश्यकता महसूस हो रही है।

महाराष्ट्र शासन में फूड़ इंस्पेक्टर की नौकरी लगाने ९ लाख रूपये की थी मांग – विजय कुमार दमाहे

पीडित विजय कुमार दमाहे ने बताया कि वह जोड़ापाठ रहते हैं वहां किसी कार्य को लेकर ट्रक चलाने के लिए जावेद खान नागपुर निवासी पूर्व में आया हुआ था। जिससे जान पहचान हो गई और घर जैसा व्यवहार तैयार हो गया था उसने मेरी बिटिया की पढ़ाई पूछी जब मेरी बिटिया १२ वीं कर रही थी। तो उसके द्वारा अपने पहचान के आदमी सुरेंद्र तेलंगे की जानकारी देकर फूड इंस्पेक्टर महाराष्ट्र शासन में लगाने की बात कही गई। जिसमें उसने ९ लाख रूपये मांगे थे तो हमने उसे आगे पीछे करके ३ लाख रूपये दिए परंतु ४ वर्ष बीत जाने के बाद भी ना नौकरी मिली ना रुपए हाथ में आए। अब वह १८ लाख रुपए मांग रहा है हम ज्यादा पढ़े लिखे नहीं है और ना ही हमारी इतनी समझ है। हमें महसूस हुआ कि यह झांसा दे रहा है जिसकी शिकायत हमने थाने में की है पुलिस इन दोनों व्यक्तियों पर कठोर कार्यवाही करें ताकि मेरे जैसे किसी और व्यक्ति को यह ठग ना सके।

बाइट विजय दमाहे पीड़ित

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here