इस्लामाबाद: पाकिस्तान के सिंध प्रांत में एक नाबालिग हिंदू लड़की के अपहरण, जबरन धर्म परिवर्तन और शादी का मामला सामने आया है। अल्पसंख्यक अधिकार संगठन वॉयस ऑफ पाकिस्तान माइनॉरिटी ने इस मामले की निंदा की है। संगठन ने देश में अल्पसंख्यकों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता जताते हुए कहा है कि हिंदू लड़कियों के साथ लगातार इस तरह की घटनाएं हो रही हैं। इनको रोरा जाना चाहिए।
संगठन के मुताबिक, 9वीं कक्षा में पढ़ने वाली पूजा का कथित तौर पर अपहरण कर उसे जबरन धर्म परिवर्तन के लिए मजबूर किया गया। उसका नाम बदलकर दुआ फातिमा रखा गया और उसकी शादी इमरान अली से करा दी गई। संगठन ने इसे ‘क्रूरता’ बताते हुए कहा कि इससे लड़की की पहचान छीन ली गई और उसे ऐसी जिंदगी जीने के लिए मजबूर किया गया, जिसे उसने कभी नहीं चुना।










































