पद्मेश न्यूज। लालबर्रा। लालबर्रा क्षेत्र में रबी फसल की सरकारी खरीदी विवादों के घेरे में आ गई है। लालबर्रा विकासखण्ड में समर्थन मूल्य में गेंहू खरीदी के लिए लालबर्रा वृहत्ताकार सेवा सहकारी समिति को खरीदी केन्द्र बनाया गया है। पूर्व में टेंगनीकला पहुंच मार्ग स्थित अनय वेयर हाउस को गेंहू खरीदी का केन्द्र बनाया गया था जहां कुछ दिनों तक समिति के द्वारा खरीदी भी की गई है। उसके बाद अचानक प्रशासन के द्वारा खरीदी केन्द्र परिवर्तन कर सिवनी मार्ग पावर हाउस के समीप स्थित मध्यप्रदेश वेयर हाउसिंग एंड लॉजिस्टिक्स कॉर्पोरेशन भंडारण केन्द्र लालबर्रा को खरीदी केन्द्र बनाया गया। लेकिन इस खरीदी केन्द्र में पर्याप्त सुविधा नही होने एवं अचानक खरीदी केन्द्र परिवर्तन होने से किसानों को अपनी उपज विक्रय करने में परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। वहीं जिस वेयर हाउस को खरीदी केन्द्र वर्तमान में बनाया गया है। लेकिन यहां की अव्यवस्थाओं ने किसानों और मजदूरों के सब्र का बांध तोड़ दिया है। भीषण गर्मी और लू के थपेड़ों के बीच खुले आसमान के नीचे खरीदी किये जाने का किसानों ने विरोध किया और कहा कि इतनी भीषण गर्मी में खुले परिसर में गेंहू का विक्रय नही कर सकते। गोदाम के अंदर खरीदी करने की मांग की परन्तु खरीदी प्रभारियों ने कहा कि मध्यप्रदेश वेयर हाउसिंग एंड लॉजिस्टिक्स कॉर्पोरेशन भंडारण केन्द्र लालबर्रा के अधिकारियों के द्वारा अंदर खरीदी करने के लिए मना कर दिया गया है। सिर्फ खरीदी गई उपज को डम्प कर सकते है। जिस पर किसानों ने आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि अगर यहां व्यवस्था ठीक तरीके से नही हो पा रहा है तो करोड़ों रूपयों की लागत से बकोड़ा में बने कृषि उपज मंडी परिसर में खरीदी करने की मांग की है ताकि किसानों, मजदूरों व कर्मचारियों को इस भीषण गर्मी में परेशान न होना पड़े।
गोदाम के अंदर जगह, फिर भी बाहर तपाने की जिद
शासन के निर्देशानुसार सहकारिता विभाग ने रबी फसल की खरीदी प्रक्रिया शुरू कर दी है। लालबर्रा विकासखंड में समर्थन मूल्य में गेंहू खरीदी के लिए लालबर्रा वृहत्ताकार सेवा सहकारी समिति को खरीदी केन्द्र बनाया गया। जिनके द्वारा वर्तमान में मध्यप्रदेश वेयर हाउसिंग एंड लॉजिस्टिक्स कॉर्पोरेशन भंडारण केन्द्र लालबर्रा में खरीदी की जा रही है। परन्तु इस वेयर हाउस में पर्याप्त स्थान होने के बावजूद गोदाम कर्मचारी फसल की तुलाई और खरीदी गोदाम के अंदर करने से मना कर रहे हैं। वेयर हाउस के अधिकारी-कर्मचारियों का कहना है कि खरीदी गोदाम के बाहर खुले मैदान में की जाये। ऐसी स्थिति में खरीदी केन्द्र को बाहर खरीदी करनी पड रही है। लेकिन परिसर समतल नही होने पर किसानों को उपज विक्रय एवं मजदूरों को बोरी में भरने एवं तौलने में परेशानी होगी। वहीं भीषण गर्मी को देखते हुए समिति के द्वारा परिसर में टेंट व पंडाल की व्यवस्था की गई है। उसके बाद भी किसान उपज विक्रय करने से मना कर रहे है और वेयर हाउस के अंदर ही उपज को तौलने की मांग की है।
जानलेवा हो सकती है यह धूप
खरीदी केंद्र पर मौजूद किसानों और मजदूरों का कहना है कि वर्तमान में सूर्यदेव के तेवर बेहद तीखे हैं। शासन और प्रशासन खुद एडवाइजरी जारी कर रहे हैं कि दोपहर के समय तेज धूप में निकलना स्वास्थ्य के लिए हानिकारक और जानलेवा हो सकता है। ऐसे में घंटों तक खुले आसमान के नीचे अनाज की तुलाई और लोडिंग करना मजदूरों की जान को जोखिम में डालने जैसा है। जब शासन-प्रशासन स्वयं कह रहा है कि धूप से बचें, तो फिर हमें इस आग उगलते आसमान के नीचे काम करने एवं उपज विक्रय करने मजबूर क्यों किया जा रहा है। किसानों व मजदूरों ने प्रशासन से वेयर हाउस के अंदर या फिर बकोड़ा उपज मंडी परिसर में खरीदी करने, केंद्र पर किसानों और मजदूरों के बैठने के लिए छायादार स्थान और शीतल पेयजल की समुचित व्यवस्था करने की मांग की है। वहीं समर्थन मूल्य २५८५ रूपये प्रति क्विंटल और ४० रूपये बोनस। इस तरह से २६२५ रूपये प्रति क्विंटल की दर से खरीदी की जा रही है। १२ किसानों से अब तक ४३५ बोरी गेंहू की खरीदी की गई है और १८६ किसानों ने स्लाट बुक करवा चुके है गेंहू विक्रय करने के लिए। वहीं खरीदी प्रभारी का कहना है कि शासन के निर्देशानुसार जहां हमें खरीदी करने के लिए आदेश दिये गये है उसी का पालन करते हुए किसानों की उपज की खरीदी की जा रही है।








































