अशोक कुमार लाहिड़ी को नीति आयोग का उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया है। उनके साथ राजीव गौबा, प्रोफेसर केवी राजू, प्रोफेसर गोबर्धन दास, डॉ. एम श्रीनिवास और प्रोफेसर अभय करंदीकर भी इस आयोग के पूर्णकालिक सदस्य हैं। इस नियुक्ति अशोक लाहिड़ी ने शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की।
नीति निर्माण के लिहाज से बेहद अहम है नियुक्ति
सरकार ने शुक्रवार को लाहिड़ी को नीति आयोग का उपाध्यक्ष नियुक्त किया था। इसके साथ ही वैज्ञानिक गोबर्धन दास को आयोग का सदस्य बनाया गया। नीति आयोग में प्रधानमंत्री स्वयं चेयरमैन होते हैं,ऐसे में यह नियुक्ति नीति निर्माण के लिहाज से अहम मानी जा रही है।
पीएम मोदी से मुलाकात के बाद क्या बोले अशोक लाहिड़ी
पीएम मोदी से मुलाकात के बाद उन्होंने बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि साल 2047 तक भारत को ‘विकसित भारत’ बनाना प्रधानमंत्री का विजन है और इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए ठोस और प्रभावी नीतियां बनानी होंगी। लाहिड़ी ने अपनी नियुक्ति का श्रेय पश्चिम बंगाल की पुरानी शिक्षा नीतियों को देते हुए कहा कि राज्य की शैक्षणिक विरासत ने उन्हें इस पद तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई है। उन्होंने इसे पश्चिम बंगाल के लिए गर्व का क्षण बताया। हालांकि, उन्होंने राज्य की मौजूदा स्थिति पर चिंता भी जताई। उनके मुताबिक पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, कर्नाटक,महाराष्ट्र और गुजरात जैसे अपेक्षाकृत विकसित राज्यों की तुलना में पीछे है।
ममता बनर्जी पर साधा निशाना
इस दौरान उन्होंने ममता बनर्जी पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्होंने राज्य में बदलाव और विकास का वादा किया था, लेकिन उसे पूरा नहीं कर पाईं। लाहिड़ी ने कहा कि अब देखना होगा कि आने वाले समय में पश्चिम बंगाल में कोई वास्तविक परिवर्तन होता है या नहीं।
पीएम मोदी ने दी शुभकामनाएं
पीएम मोदी ने भी अशोक कुमार लाहिड़ी से मुलाकात के बाद एक्स पर एक पोस्ट किया। इसमें उन्होंने बताया कि नीति आयोग के उपाध्यक्ष के रूप में उनकी नियुक्ति पर बधाई दी। पीएम मोदी ने कहा कि अर्थशास्त्र और लोक नीति में उनका व्यापक अनुभव भारत में सुधारों के मार्ग को और मजबूत करेगा और ‘विकसित भारत’ बनने की दिशा में उनकी प्रगति में सहायक होगा। मुझे विश्वास है कि उनके प्रयासों से हमारे देश की नीति निर्माण प्रक्रिया और भी गतिशील होगी। उनके सफल कार्यकाल के लिए मेरी शुभकामनाएं।
अशोक लाहिड़ी के पास है काफी अनुभव
लाहिड़ी वर्तमान में पश्चिम बंगाल से भाजपा विधायक हैं और देश के वरिष्ठ अर्थशास्त्रियों में गिने जाते हैं। उनका चार दशक से अधिक लंबा करियर रहा है, जिसमें वे भारत सरकार के मुख्य आर्थिक सलाहकार (Chief Economic Adviser) और 15th वित्त आयोग के सदस्य जैसे महत्वपूर्ण पदों पर रह चुके हैं।
इसके अलावा उन्होंने अंतरराष्ट्रीय संस्थानों जैसे एशियन डेवलपमेंट बैंक, वर्ल्ड बैंक और IMF में भी काम किया है। वे दिल्ली स्कूल ऑफ इकोनोमिक्स और प्रेसीडेंसी यूनीवर्सिटी के पूर्व छात्र हैं।
गोवर्धन दास बोले- साधारण किसान परिवार से आने के बावजूद मुझे मिला अवसर
वहीं, नए सदस्य गोवर्धन दास ने इस जिम्मेदारी को अपने जीवन का महत्वपूर्ण क्षण बताया। उन्होंने कहा कि एक साधारण किसान परिवार से आने के बावजूद उन्हें यह अवसर मिला,जो आम लोगों के सपनों और उम्मीदों का प्रतिनिधित्व करता है। दास ने ग्रामीण इलाकों, किसानों और आम जनता की जीवन गुणवत्ता सुधारने को प्राथमिकता बताते हुए प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में ईमानदारी से काम करने का भरोसा जताया।










































