वॉशिंगटन: अमेरिका के भारतवंशी सांसद रो खन्ना ने वॉशिंगटन डीसी में आयोजित एक कार्यक्रम से खुद को अलग कर लिया है। हडसन इंस्टीट्यूट द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में RSS के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबले शामिल थे। कार्यक्रम में खन्ना ने पहले से रिकॉर्ड संदेश के जरिए अपनी बात कही थी। बाद में उन्होंने कहा कि उन्हें मेहमानों की सूची के बारे में कोई जानकारी नहीं थी और वे RSS का समर्थन नहीं करते हैं।
खन्ना ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट में कहा कि वे खुद उस कार्यक्रम में मौजूद नहीं थे। इंडियन-अमेरिकन मुस्लिम काउंसिल को जवाब देते हुए खन्ना ने आगे कहा कि हडसन इंस्टीट्यूट ने उनसे वीडियो मांगा था जो उपलब्ध करा दिया था। उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें कार्यक्रम में शामिल मेहमानों के बारे में पता नहीं था।
वॉशिंगटन स्थित थिंक टैंक हडसन इंस्टीट्यूट ने इस सप्ताह की शुरुआत में न्यू इंडिया कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया था। इस कार्यक्रम में बीजेपी के विदेश मामलों के प्रभारी विजय चौथाईवाले और पूर्व राष्ट्रीय महासचिव राम माधव भी शामिल हुए थे। कार्यक्रम में अमेरिका के मौजूदा और पूर्व अधिकारियों ने भी हिस्सा लिया। इनमें दक्षिण एशिया के लिए विदेश विभाग की वर्तमान उप सहायक सचिव बेथनी मॉरिसन और विदेश विभाग के पूर्व उप सचिव कर्ट कैंपबेल शामिल थे।
राष्ट्रपति पद की रेस में शामिल होने की संभावना
रो खन्ना के बारे में उम्मीद जताई जा रही है कि वे 2028 में राष्ट्रपति पद का चुनाव लड़ेंगे। खन्ना ने पहले ही हिंदुत्व की राजनीति से दूरी बनाई है। साल 2019 में उन्होंने कहा था कि हिंदू धर्म को मानने वाले हर अमेरिकी राजनेता का फर्ज है कि वह बहुलवाद के पक्ष में खड़ा हो, हिंदुत्व को नकारे और हिंदुओं, मुसलमानों, सिखों, बौद्धों और ईसाइयों के लिए समान अधिकारों की बात करे।
रो खन्ना को उस समय अपने बयान के चलते भारतीय-अमेरिकी समूहों के विरोध का सामना करना पड़ा था, जिन्होंने खन्ना से हिंदू-विरोध के खिलाफ खड़े होने का आग्रह किया। हालांकि, खन्ना ने अपने बयान का बचाव किया औऱ कहा कि वे किसी विशेष हित वाले समूह के आगे नहीं झुकेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि डोनाल्ड ट्रंप से जुड़े दक्षिणपंथी राष्ट्रवादियों को बिल्कुल सहन नहीं करेंगे।










































