महागढ़ के एक ग्रामीण की मौत के बाद आक्रोशित भीड़ व स्वजनों ने नगर के मनासा नाके पर शव रखकर जाम कर दिया। लगभग 4 घंटे से अधिक चले जाम के दौरान स्वजनों और भीड़ ने दूसरे पक्ष के लोगों पर ग्रामीण की हत्या के आरोप लगाए हैं। साथ ही पूर्व की शिकायत पर पुलिस द्वार कार्रवाई में अनदेखी करने का दावा भी किया।
प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि यदि पुलिस समय रहते कार्रवाई करती है तो ग्रामीण की जान नहीं जाती। एसडीएम के आश्वासन के बाद प्रदर्शन समाप्त हुआ। एसडीएम ने ग्रामीण के स्वजनों को आर्थिक सहायता देने का भरोसा भी दिया है।
जिले के मनासा क्षेत्र के ग्राम महागढ़ के राजमल पुत्र रामकिशन गायरी का शव शनिवार को गांव में ही एक अाम के पेड़ पर झूलता मिला। ग्रामीणों की सूचना पर पहुंची पुलिस ने राजमल के शव को मौका पंचनामा बनाने के बाद पोस्टमार्टम के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मनासा पहुंचाया।
पोस्टमार्टम के बाद स्वजनों और भीड़ ने राजमल का शव रखकर मनासा नगर के मनासा नाके पर जाम कर दिया। विरोध प्रदर्शन और जाम की शुरुआत दोपहर करीब 3 बजे हुई। आक्रोशित स्वजन और ग्रामीणों का आरोप था कि दो दिन पूर्व हुए विवाद में पुलिस ने समय रहते कार्रवाई नहीं की, जिसके कारण दूसरे पक्ष के लोगों ने राजमल की हत्या कर शव को पेड़ पर लटका दिया।
आक्रोशित स्वजन दूसरे पक्ष के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे थे। मनासा टीआइ नीलेश अवस्थी ने आक्रोशित भीड़ को समझाने का प्रयास किया लेकिन पुलिस की कार्यशैली से नाराज लोगों ने समझाइश को नकार दिया। मनासा एसडीएम किरण आंजना ने मौके पर पहुंचकर स्वजनों और ग्रामीणों का पक्ष सुना। जांच के बाद उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया, जिसके बाद स्वजनों व ग्रामीणों ने विरोध प्रदर्शन और जाम समाप्त किया। स्वजन राजमल का शव लेकर महागढ़ के लिए रवाना हुए। करीब 4 घंटे चले विरोध प्रदर्शन और जाम के कारण मनासा नाके पर वाहनों की आवाजाही बाधित हुई। मनासा पुलिस ने मामले में जांच के बाद नियमानुसार कार्रवाई का भरोसा दिया है। विरोध प्रदर्शन के बाद पुलिस ने श्यामू बाई, पुत्र घनश्याम, जगदीश और एक अन्य को पकड़ा है।
यह है मामला
ग्राम महागढ़ में घर के सामने निर्माण सामग्री डालने पर गायरी समाज के दो पक्षों में विवाद हुआ था। इस विवाद के दौरान राजमल गायरी के साथ दूसरे पक्ष की श्यामू बाई पत्नी मांगीलाल गायरी, पुत्र घनश्याम व जगदीश सहित एक अन्य ने मारपीट की थी। मारपीट में राजमल को हाथ व पैर में चोट आई थी, फ्रैक्चर हुआ था। इस घटना की शिकायत राजमल ने मनासा थाने पर की थी लेकिन आरोपितों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई नहीं हो सकी। इसके बाद शुक्रवार शाम से राजमल लापता था। स्वजनों ने उसकी गुमशूदगी की सूचना मनासा थाने पर दी थी और आशंका जताई थी। वहीं शनिवार को राजमल का शव आम के पेड़ पर झूलता मिला। इसके बाद से ही स्वजनों को आशंका है कि दूसरे पक्ष के लोगों ने राजमल की हत्या कर शव पेड़ पर लटका दिया है।










































