नई दिल्ली: ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग और सप्लाई चेन के मोर्चे पर भारत की महत्वाकांक्षाओं को लेकर सोशल मीडिया पर एक नई बहस छिड़ गई है। चीन के प्रसिद्ध विश्लेषक केजी माओ (Keji Mao) की सोशल मीडिया पोस्ट ने इंटरनेट पर तहलका मचा दिया है। इसमें उन्होंने चीन की इंडस्ट्रियल ग्रोथ पर भारत और वियतनाम की प्रतिक्रियाओं की तुलना की है। उनके इस आकलन ने भारत की विनिर्माण क्षमताओं, वैश्विक प्रतिस्पर्धा और आलोचना को स्वीकार करने की क्षमता पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।
इंटरनेशनल कोऑपरेशन सेंटर के एनालिस्ट, साउथ एशिया रिसर्च ब्रीफ के फाउंडर और हार्वर्ड-येनचिंग इंस्टीट्यूट के विजिटिंग फेलो केजी माओ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपने कुछ साल पुराने अनुभवों को साझा किया है। माओ ने बताया कि कुछ साल पहले उन्होंने चीन के औद्योगिक और तकनीकी इकोसिस्टम को लेकर दो अलग-अलग प्रस्तुतियां दी थीं। पहली एक वियतनामी दर्शकों के लिए और दूसरी भारतीय दर्शकों के लिए। दोनों प्रेजेंटेशन की चीजें लगभग एक जैसी थी, लेकिन दोनों देशों के लोगों की प्रतिक्रियाएं बिल्कुल विपरीत थीं।










































