नई दिल्ली: पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ने से कच्चे तेल की कीमत में आज फिर तेजी आई है। ब्रेंट क्रूड 2 फीसदी से अधिक तेजी के साथ 111.5 डॉलर प्रति बैरल पर ट्रेड कर रहा है। ईरान युद्ध शुरू होने के बाद से कच्चा तेल 50 फीसदी महंगा हो चुका है। इससे दुनिया भर में हाहाकार मचा हुआ है। भारत के लिए यह बड़ी मुसीबत है क्योंकि हम अपना करीब 90 फीसदी कच्चा तेल आयात करते हैं। तेल महंगा होने से सरकारी तेल कंपनियों को रोजाना करीब 1,380 करोड़ रुपये का नुकसान हो रहा है।
सरकार ने हाल में पेट्रोल और डीजल की कीमत में तीन रुपये प्रति लीटर का इजाफा किया था लेकिन एनालिस्ट्स का कहना है कि सरकारी तेल कंपनियों के नुकसान को पाटने के लिए इनकी कीमत में कम से कम 25 रुपये का इजाफा करने की जरूरत है। नोमुरा के एनालिस्ट विनीत बांका द्वारा की गई कैलकुलेशन के मुताबिक पेट्रोल,डीजल और एलपीजी मिलाकर सरकारी कंपनियों को रोजाना 1,380 करोड़ रुपये का नुकसान हो रहा है।










































