आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने मनाया काला दिवस, मांगो को पूरी करने को लेकर की जमकर नारेबाजी

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पदमेश न्यूज़,बालाघाट।वर्षों से लंबित विभिन्न सूत्रीय मांगे पूरी न होने से आंगनबाड़ियों में कार्यरत कार्यकर्ताएं व सहायिकाए प्रदेश सरकार से खासा नाराज है,जो अपनी मांगों को पूरा करने के लिए आए दिनों, आवेदन निवेदन और ज्ञापन सौंप रही है, बावजूद इसके भी उनकी अब तक मांग पूरी नहीं हो पायी है। इस बात पर नाराजगी जताते हुए आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिका एकता यूनियन द्वारा शुक्रवार 10 जुलाई को काला दिवस मनाया गया। साथ ही उन्होंने नगर के बस स्टैंड स्थित धर्मशाला में एक बैठक का आयोजन कर आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायताओं को कार्यक्षेत्र में आने वाली विभिन्न परेशानियों से अवगत कराया।तो वही अपनी विभिन्न मांगों को लेकर जमकर नारेबाजी भी की,इसके उपरांत धर्मशाला से एक रैली निकाली गई यह रैली नगर के विभिन्न मार्गों का भ्रमण करते हुए सीधे कलेक्टर कार्यालय पहुंची। जहां यूनियन द्वारा वर्षों से लंबित अपनी 25 सूत्रीय मांगों को पूरा कराई जाने को लेकर जिला प्रशासन को एक ज्ञापन सौपा है।अखिल भारतीय आंगनबाड़ी वर्कर्स एण्ड हेल्पर्स फैडरेशन के राष्ट्रीय आव्हान पर आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिक युनियन म.प्र सीटू बालाघाट द्वारा केंद्र व राज्य सरकार के नाम सौंपे गए इस ज्ञापन में उन्होंने जल्द से जल्द उक्त सभी मांगों को पूरा किए जाने की गुहार लगाते हुए, मांग पूरी न होने पर विधानसभा का घेराव कर, 12 अगस्त को उग्र आंदोलन किए जाने की चेतावनी दी है।

इन मांगो को पूरा करने की लगाई गुहार
आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं सहायिकाओं को नियमित किए जाने, समय पर मानदेय देने, उच्च न्यायालय के आदेशों के तहत, आंगनबाड़ी कर्मियों के मानदेय में से की गई कटौती को एरियर के साथ तत्काल भुगतान करने, चार श्रम संहिताओं और नियमों को निरस्त करने,आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं के ट्रेड यूनियन अधिकारों को मान्यता देने,आंगनबाड़ी कर्मियों को सरकारी कर्मचारी का दर्जा देकर, कार्यकर्ता को न्यूनतम वेतन 41000रु,और सहायिका को 32000 रु तथा 12000 रु पेंशन, सामाजिक सुरक्षा का लाभ देने, टेक होम राशन का वितरण प्रणाली में सुधार लाने,आंगनबाड़ी कर्मियों का मानदेय पोषण ट्रैकर एवं संपर्क एप से न जोड़ा जाने, सरकारी स्कूलों में 3 से 6 वर्ष के बच्चों के प्रवेश के सरकारी आदेश पर रोक लगाने,आंगनबाड़ी केन्द्रों में ही नर्सरी, के.जी.-1, के.जी.-2, की शिक्षा दिये जाने की व्यवस्था करने, ग्रेच्युटी का लाभ सेवा निवृत्त हुए सभी आंगनबाड़ी कर्मियों को देने, 21अप्रैल 2026 को दिये उच्च न्यायालय के आदेश को तत्काल लागू करते हुये ग्रेच्युटी का भुगतान करने, आंगनबाड़ी कर्मियों की सेवा काल में मृत्यु होने पर 5 लाख रूपये की राशि मृत्यु उपरान्त परिवार को सहायता राशि के रूप में देने। रिटायरमेंट में मिलने वाली राशि का भुगतान तत्काल शुरू करने,आंगनबाड़ी भवन किराया बढ़ी हुई नई दरों के हिसाब से भुगतान करने, उपस्थित बच्चों की वास्तविक संख्या को पोषण ट्रेकर में दर्ज कराने की अनुमति देने, राशन वितरण प्रणाली के तहत परिवहन भाड़ा देने, ग्रीष्मकालीन शीतकालीन अवकाश के समय भी बच्चों को भोजन प्रदान करने, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं सहायिकाओं को ग्रीष्मकालीन अवकाश देने, ट्रेनिंग या मीटिंग के लिए आने जाने के एवज में टीए डीए भत्ता दिए जाने, उच्च न्यायालय के आदेश के अनुसार आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं से अन्य विभागों का कार्य न लेने, उन्हें पदोन्नति का लाभ देने,सेवा निवृत्ति की आयु 62 से बढ़कर 65 वर्ष किए जाने, औऱ आंगनवाड़ी केंद्र के लिए अवकाश कैलेंडर जारी करने सहित वर्षों से लंबित अन्य मांगों को पूरा किए जाने की गुहार लगाई है।

विधानसभा का घेराव कर, 12 अगस्त को करेंगे उग्र आंदोलन-अंजली बिसेन
आंगनवाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिका यूनियन की जिलाध्यक्ष श्रीमती अंजली बिसेन ने चर्चा के दौरान बताया कि न्यायालय के आदेश के बावजूद आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को 2019 से 6 प्रतिशत एरियर राशि का भुगतान अब तक नहीं किया गया है। इसके अलावा मानदेय का भुगतान समय पर नहीं किया जा रहा है, अतिरिक्त कार्य भी कराया जा रहा है जिससे प्रदेश व जिले के समस्त आंगनबाड़ी कार्यकर्ता , सहायिकाओं में नाराजगी व्याप्त है। उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को 38 हजार रूपए व सहायिकाओं को 25 हजार रूपए प्रतिमाह मानदेय दिया जाए। आंनगबाड़ी कार्यकर्ता/सहायिकाओं ने शासन-प्रशासन को चेतावनी दी कि शीघ्र मांगें पूरी नहीं की जाती है तो विधानसभा घेराव व 12 अगस्त को उग्र आंदोलन किया जाएगा।

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