पद्मेश न्यूज। लालबर्रा। नगर मुख्यालय से ६ किमी दूर हाईवे मार्ग स्थित ग्राम पोंडी-सिहोरा पुल से रमपुरी को जोडऩे वाला मुख्य पहुंच मार्ग इस समय बड़े हादसे को न्योता दे रहा है। पिछले वर्ष नाले में आई बाढ़ के कारण सडक़ के किनारे की मिट्टी का भारी कटाव हो गया था। यह कटाव अब सीधे मुख्य सडक़ तक पहुंच चुका है, जिससे स्थिति अत्यंत गंभीर और संवेदनशील हो गई है। वही किसी भी समय बड़ी दुर्घटना होने की संभावना बनी हुई थी। साथ ही आवागमन करने वालों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। इस गंभीर जनसमस्या को प्रमुखता से बालाघाट एक्सप्रेस अखबार में समाचार प्रकाशित कर प्रशासन का ध्यानाकर्षण करवाया गया था। वहीं खबर प्रकाशन के बाद प्रशासनिक अमले में हलचल तो हुई, लेकिन संबंधित विभाग द्वारा समस्या का स्थाई समाधान निकालने के बजाय केवल खानापूर्ति और औपचारिकताएं पूरी की गई है। जेसीबी मशीन से जिस स्थान से सडक़ का कटाव हो गया था उस स्थान पर नाले की मिट्टी से कच्चा मरम्मत कार्य करवाया गया है और यह कार्य गुणवत्ताहीन किया गया है। गत दिवस हुई तेज बारिश के कारण मिट्टी पुन: नाले में बहने लगी है और बरसात के दिनों में बारिश होने एवं नाले में बाढ आने पर पुन: स्थिति जस की तस हो जायेगी। वहीं सडक़ का कटाव भी हो सकता है जिससे इस मार्ग से आवागमन भी बाधित हो सकता है। जिससे इस मार्ग से आवागमन करने वाले आधा दर्जन से अधिक ग्रामों के ग्रामीणजन एवं स्कूली बच्चों को बेहद परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। जबकि सडक़ विभाग को मिट्टी कटाव को रोकने के लिए रिटर्निंगवॉल का निर्माण करवाना था। लेकिन मरम्मत के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति करते हुए सिर्फ औपचारिकता निभाई गई है जिससे ग्रामीणजनों एवं राहगीरों में आक्रोश व्याप्त है।
आपकों बता दे कि विगत वर्ष पूर्व हुई तेज बारिश और नाले में बाढ़ की वजह से पोंडी-सिहोरा एवं रमपुरी पहुंच मार्ग किनारे नाले की मिट्टी का कटाव सडक़ तक पहुंच चुका है। यह समस्या विगत वर्षाे से बनी हुई है और इस समस्या से अनेक बार स्थानीय जनप्रतिनिधियों के द्वारा संबंधित विभाग को अवगत करवाया गया किन्तु विभाग के द्वारा लापरवाही बरती जा रही है परंतु स्थाई समाधान नहीं किया जा रहा है। वर्तमान में भी विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा क्षतिग्रस्त स्थान पर पक्का निर्माण करवाने के बजाय, नाले के अंदर से ही गीली मिट्टी खोदकर सडक़ के किनारे डाली गई है। जबकि वर्तमान में मानसून (बारिश का मौसम) पूरी तरह सक्रिय हो चुका है। ऐसे में नाले का जलस्तर बढऩे और पानी का तेज बहाव आने पर यह ढीली मिट्टी एक झटके में बह जायेगी। विभाग द्वारा की जा रही यह मरम्मत सिर्फ कागजी खानापूर्ति नजर आ रही है, जिससे सरकारी धन का भी दुरूपयोग हो रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि इस तरह से मिट्टी डालकर मरम्मत कार्य अनेक बार किया गया है परंतु कु छ दिनों के बाद स्थिति जस की तस हो जाती है और वर्तमान में स्थिति बेहद गंभीर हो चुकी है, मिट्टी का कटाव सडक़ तक पहुंच चुका है। ऐसी स्थिति में जब तक यहां मजबूत रिटर्निंगवॉल का निर्माण नहीं किया जाता, तब तक मिट्टी डालना सिर्फ समय और रूपये की बर्बादी है। पहली ही तेज बारिश में यह पूरी मिट्टी बह जायेगी और मुख्य सडक़ भी ढह जायेगी।
रिटर्निंगवॉल ही एकमात्र स्थाई समाधान
भौगोलिक स्थिति को देखा जाये तो इस नाले में बाढ़ आने पर पानी का बहाव बेहद तेज और मटमैला होता है। बिना किसी ठोस सुरक्षा दीवार (रिटर्निंग वॉल) के, पानी का तेज बहाव मिट्टी को आसानी से अपने साथ बहा ले जाता है। यही कारण है कि धीरे-धीरे कटाव बढ़ते-बढ़ते अब पक्की सडक़ के अस्तित्व पर खतरा बन गया है। अगर समय रहते यहां पक्की रिटर्निंगवॉल नहीं बनाई गई, तो पोंडी-सिहोरा पुल से रमपुरी मार्ग का संपर्क पूरी तरह टूट सकता है, जिससे हजारों की आबादी प्रभावित होगी। सडक़ की इस बदहाली और विभाग की लचर कार्यप्रणाली से स्थानीय निवासियों एवं राहगीरों में भारी आक्रोश है। सुरक्षा की दृष्टि से और किसी भी संभावित बड़ी दुर्घटना को टालने के लिए ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और संबंधित सडक़ विभाग से तत्काल प्रभाव से यहां मजबूत रिटर्निंगवॉल (सुरक्षा दीवार) का निर्माण करवाने की पुरजोर मांग की है। अब देखना यह है कि प्रशासन इस पर कब तक सुध लेता है या किसी बड़े हादसे का इंतजार करता है।
चर्चा में रमपुरी सरपंच श्याम मानेश्वर ने बताया कि पिछले वर्ष पूर्व हुई तेज बारिश एवं नाले में बाढ़ आने से सडक़ किनारे की मिट्टी का कटाव मुख्य सडक़ के समीप तक हो चुका है। जिसके कारण आवागमन में परेशानी हो रही थी। उक्त समस्या से प्रधानमंत्री ग्रामीण सडक़ विभाग को अवगत करवाकर पक्का मरम्मत कार्य करवाने की मांग की गई थी। लेकिन उनके द्वारा वैकल्पिक व्यवस्था के तहत कच्चा मरम्मत कार्य करवाया गया है। तेज बारिश होने पर पुन: मिट्टी कटाव हो जायेगी जिससे बरसात के दिनों में परेशानी होगी। श्री मानेश्वर ने बताया कि प्रशासन को मिट्टी कटाव को रोकने के लिए रिटर्निंगवाल का निर्माण करवाना चाहिए, सडक़ विभाग के अधिकारियों ने आश्वास्त किया है कि शासन से राशि स्वीकृत होने के बाद रिटर्निंगवाल का निर्माण करवायेगें।
प्रधानमंत्री ग्रामीण सडक़ विभाग के महाप्रबंधक माया परते से दूरभाष पर पोंडी-सिहोरा पुल से रमपुरी पहुंच मार्ग के नाले किनारे से जो मिट्टी का कटाव होने से सडक़ क्षतिग्रस्त हुई है उसका पक्का मरम्मत एवं मिट्टी कटाव के लिए रिटर्निंगवॉल का निर्माण करवाने के संबंध में चर्चा करने का प्रयास किया गया किन्तु संपर्क नही हो पाया।










































