नई दिल्ली: फीफा वर्ल्ड कप 2026 के सेमीफाइनल में इंग्लैंड पर मिली शानदार जीत के बाद अर्जेंटीना के खिलाड़ियों द्वारा दिखाए गए विवादित फॉकलैंड बैनर को लेकर व्हाइट हाउस ने उनका खुलकर बचाव किया है। अमेरिकी सरकार ने इसे अभिव्यक्ति की आजादी का मामला बताते हुए खिलाड़ियों के इस अधिकार का समर्थन किया है। यह बयान ऐसे समय में आया है जब रविवार को स्पेन के खिलाफ होने वाले फाइनल मुकाबले से पहले फीफा की अनुशासन समिति इस पूरे मामले की गहन जांच कर रही है। यह विवाद शुक्रवार को व्हाइट हाउस फीफा वर्ल्ड कप टास्क फोर्स की एक मीडिया ब्रीफिंग के दौरान उठा, जिसे मुख्य रूप से सुरक्षा व्यवस्था, न्यू जर्सी में होने वाले फाइनल की तैयारियों और कनाडाई जंगलों की आग के कारण बिगड़ी हवा की गुणवत्ता पर चर्चा करने के लिए बुलाया गया था।
तीखे सवालों पर अमेरिकी अधिकारी का जवाब
इस प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान व्हाइट हाउस टास्क फोर्स के कार्यकारी निदेशक एंड्रयू गियुलियानी से एक सीधा और तीखा सवाल पूछा। हैरिस ने सवाल किया कि क्या अमेरिका के नजरिए से अर्जेंटीना के खिलाड़ियों का विश्व कप के स्टेडियम में फॉकलैंड द्वीप समूह पर संप्रभुता का दावा करने वाला राजनीतिक संदेश दिखाना गलत था, जबकि वह द्वीप अमेरिका के सबसे बड़े सहयोगी देश ब्रिटेन का क्षेत्र है? इस पर गियुलियानी, जो FBI और होमलैंड सिक्योरिटी जैसी शीर्ष एजेंसियों के साथ मिलकर टूर्नामेंट के संचालन की देखरेख कर रहे हैं, ने खिलाड़ियों की आलोचना करने से साफ इनकार कर दिया। उन्होंने अमेरिकी संविधान का हवाला देते हुए कहा कि संयुक्त राज्य अमेरिका में हम प्रथम संशोधन के तहत मिले अधिकारों यानी अभिव्यक्ति की आजादी पर विश्वास करते हैं और खिलाड़ियों को अमेरिका की धरती पर ऐसा बयान देने का पूरा अधिकार है।










































