D2D यानी डायरेक्ट टु डिवाइस के क्षेत्र में अब एमेजॉन भी एंट्री करने को तैयार है। डायरेक्ट टु डिवाइस का मतलब होता है, कोई सिग्नल सीधे आपकी डिवाइस में पहुंचे। स्टारलिंक समेत कुछ कंपनियां इस दिशा में काम कर रही हैं। इसके तहत सैटेलाइट इंटरनेट को सीधे स्मार्टफोन में पहुंचाया जा रहा है। कुछ महीनों पहले स्टारलिंक ने एक टेस्ट किया था जिसमें D2D तकनीक की मदद से वीडियो कॉल की गई थी। रिपोर्टों के अनुसार, अब एमेजॉन भी ‘डायरेक्ट-टू-डिवाइस’ (D2D) सैटेलाइटन नेटवर्क को मजबूत करना चाहती है। उसने अमेरिकी रेगुलेटर से लगभग 5,105 सैटेलाइट्स को लॉन्च करने की अनुमति मांगी है।
D2D नेटवर्क लॉन्च करना है मकसद
एमेजॉन भी अपना D2D नेटवर्क लॉन्च करना चाहती है। उसने अप्रैल में ही इस योजना के संकेत दिए थे। CNBC की एक रिपोर्ट के अनुसार, कंपनी ग्लोबलस्टार का अधिग्रहण करने जा रही है जो एक प्रमुख सैटेलाइट ऑपरेटर है।
- आसान भाषा में समझाएं तो D2D नेटवर्क में पारंपरिक मोबाइल टावरों का उपयोग नहीं होता।
- किसी भी डिवाइस जैसे- स्मार्टफोन में सिग्नल सीधे अंतरिक्ष से मिलते हैं और यूजर दूर-दराज के इलाकों में भी कनेक्टेड रहता है।
- D2D नेटवर्क के मामले में अभी स्टारलिंक सबसे आगे हैं, उसने अमेरिका में कई मोबाइल ऑपरेटर्स के साथ टाई-अप भी किया है।
- एमेजॉन की तैयारी D2D नेटवर्क को उसके इंफ्रास्ट्रक्चर और ग्लोबस्टार के सैटेलाइट्स से जोड़ने की है।












































