डायरेक्ट-टू-कंज्यूमर इंश्योरटेक कंपनी Acko General Insurance IPO की तैयारी में जुट गई है। कंपनी ने ICICI Securities, Morgan Stanley और Kotak Securities को बुक रनिंग लीड मैनेजर नियुक्त किया है और ₹18,800 से ₹23,500 करोड़ वैल्यूएशन का लक्ष्य तय किया है।
IPO की तैयारी तेज, बड़े बैंकर्स जुड़े
Acko ने अपने बहुप्रतीक्षित IPO के लिए दिग्गज इन्वेस्टमेंट बैंकर्स को नियुक्त कर दिया है। मनीकंट्रोल की रिपोर्ट के मुताबिक ICICI Securities, Morgan Stanley और Kotak Securities इस इश्यू को मैनेज करेंगे। कंपनी जल्द ही बाजार नियामक (SEBI) के पास DRHP दाखिल कर सकती है, जिससे लिस्टिंग प्रक्रिया औपचारिक रूप से शुरू होगी।
$2-2.5 बिलियन वैल्यूएशन का लक्ष्य
IPO के जरिए कंपनी करीब $2 से $2.5 बिलियन यानी लगभग ₹18,800 से ₹23,500 करोड़ की वैल्यूएशन हासिल करना चाहती है। यह इश्यू फ्रेश इक्विटी और ऑफर फॉर सेल (OFS) का मिश्रण होगा, जिससे कंपनी को नया पूंजी मिलेगा और मौजूदा निवेशकों को आंशिक एग्जिट का मौका भी मिलेगा।
कैसा है कंपनी का बिजनेस मॉडल
2016 में Varun Dua द्वारा स्थापित Acko ने शुरुआत ऑटो इंश्योरेंस से की थी, लेकिन अब कंपनी हेल्थ इंश्योरेंस और एम्बेडेड इंश्योरेंस मॉडल में तेजी से विस्तार कर रही है। कंपनी की साझेदारी PhonePe, Zomato, OYO, redBus और Urban Company जैसे प्लेटफॉर्म्स के साथ है, जिससे वह सीधे ग्राहकों तक इंश्योरेंस प्रोडक्ट पहुंचा रही है।
7.8 करोड़ ग्राहकों का बेस
Acko का दावा है कि उसने अब तक 78 मिलियन से ज्यादा यूनिक ग्राहकों को सेवाएं दी हैं और 1 बिलियन से अधिक इंश्योरेंस पॉलिसी जारी की हैं। यह स्केल उसे पारंपरिक बीमा कंपनियों के मुकाबले डिजिटल एडवांटेज देता है।
फाइनेंशियल्स: तेज ग्रोथ, घाटे में कमी
FY25 में कंपनी ने ₹2,837 करोड़ का रेवेन्यू दर्ज किया, जो सालाना आधार पर 35% की वृद्धि है। खास बात यह है कि कंपनी ने अपने नेट लॉस में भी करीब 37% की कमी की है, जो बेहतर ऑपरेशनल एफिशिएंसी का संकेत देता है।
निवेशकों का मजबूत भरोसा
Acko ने अब तक लगभग $450-460 मिलियन की फंडिंग जुटाई है। इसमें General Atlantic, Accel और Elevation Capital जैसे बड़े निवेशकों का समर्थन शामिल है।
निवेशकों के लिए क्या संकेत
Acko का IPO भारत के तेजी से बढ़ते इंश्योरटेक सेक्टर में एक बड़ा अवसर माना जा रहा है। कंपनी का डिजिटल-फर्स्ट मॉडल और एम्बेडेड इंश्योरेंस स्ट्रेटेजी इसे लंबी अवधि में मजबूत ग्रोथ दे सकती है, हालांकि प्रॉफिटेबिलिटी अभी भी एक अहम चुनौती बनी हुई है।









































