Dollar Vs Rupee: डॉलर की मार से रुपया पस्त! आज फिर बड़ी गिरावट, अब 1 डॉलर की कीमत इतनी हुई

0

Dollar Vs Rupee: ईरान संकट का हल नहीं निकलने और कच्चे तेल की कीमत में उछाल से रुपया पर दबाब बढ़ा है। इसका असर आज अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपये के भाव पर हुआ है। मंगलवार को अमेरिकी मुद्रा के मुकाबले रुपया 41 पैसे की गिरावट के साथ 94.56 प्रति डॉलर (अस्थायी) पर बंद हुआ। LKP सिक्योरिटीज के कमोडिटी और करेंसी रिसर्च एनालिस्ट (VP), जतीन त्रिवेदी ने रुपये की इस स्थिति पर चिंता जताई है। उनके अनुसार, कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की लगातार निकासी ने रुपये पर भारी दबाव बनाया है। मध्य पूर्व (Middle East) में जारी तनाव के कारण तेल की कीमतों में उछाल आया है, जिससे आयातकों की ओर से डॉलर की मांग बढ़ी है और भारत का व्यापार घाटा (Trade Deficit) चौड़ा हुआ है।

त्रिवेदी ने आगे कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच संघर्ष विराम (Ceasefire) को लेकर बनी अनिश्चितता ने बाजार की धारणा को कमजोर कर दिया है। निवेशक हर छोटी-बड़ी भू-राजनीतिक हलचल पर प्रतिक्रिया दे रहे हैं, जिससे बाजार में अस्थिरता बनी हुई है। आने वाले दिनों में रुपया उतार-चढ़ाव भरा रहेगा और इसकी दिशा काफी हद तक कच्चे तेल की कीमतों और वैश्विक जोखिमों पर निर्भर करेगी।

कमजोर खुला था रुपया

रुपया मंगलवार को शुरुआती कारोबार में 24 पैसे टूटकर 94.39 प्रति डॉलर पर खुला था। विदेशी मुद्रा कारोबारियों का कहना है कि ब्रेंट तेल की कीमत 111 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंचने से भी निवेशकों का मनाबेल कमजोर हुआ है। अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपया, अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 94.35 पर खुला। फिर और टूटकर शुरुआती कारोबार में 94.39 प्रति डॉलर पर पहुंच गया जो पिछले बंद भाव से 24 पैसे की गिरावट दर्शाता है। रुपया सोमवार को अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 94.15 पर बंद हुआ था। इस बीच, छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले अमेरिकी डॉलर की स्थिति को दर्शाने वाला डॉलर सूचकांक 98.49 पर रहा।

विदेशी निवेशकों की बिकवाली का असर

केयरएज रेटिंग्स की मुख्य अर्थशास्त्री रजनी सिन्हा ने कहा कि रुपये पर मुख्य दबाव कमजोर पूंजी प्रवाह से उत्पन्न होता है। शुद्ध प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) प्रवाह कम रहा है, जबकि विदेशी पूंजी की निकासी वैश्विक अनिश्चितता के कारण बढ़ी है। घरेलू शेयर बाजारों में सेंसेक्स 416.72 अंक टूटकर 76,886.91 अंक पर जबकि निफ्टी 97 अंक फिसलकर 23,995.70 अंक पर बंद हुआ। अंतरराष्ट्रीय मानक ब्रेंट क्रूड का भाव 2.62 प्रतिशत चढ़कर 111.07 डॉलर प्रति बैरल रहा। शेयर बाजार के आंकड़ों के मुताबिक, विदेशी संस्थागत निवेशक (एफआईआई) सोमवार को बिकवाल रहे थे और उन्होंने 1,151.48 करोड़ रुपये के शेयर बेचे।

आम आदमी पर क्या होगा असर?

  • महंगी होगी विदेश यात्रा और पढ़ाई: डॉलर के मुकाबले रुपये के कमजोर होने से विदेश में छुट्टियां मनाना और पढ़ाई करना अब और महंगा हो जाएगा।
  • आयातित सामान के बढ़ेंगे दाम: मोबाइल, लैपटॉप और अन्य इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स की कीमतों में बढ़ोतरी हो सकती है।
  • पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर दबाव: कच्चा तेल महंगा होने और रुपया गिरने से तेल कंपनियों पर बोझ बढ़ेगा, जिसका सीधा असर देश में ईंधन की कीमतों पर पड़ सकता है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here