Jio IPO Allotment: कल ऐसे चेक करें अलॉटमेंट, फर्जी लिंक से रहें सावधान; रिफंड से लेकर लिस्टिंग की पूरी जानकारी पढ़ें

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Reliance Jio Platforms IPO में निवेश करने वालों को 26 अक्टूबर को अलॉटमेंट स्टेटस मिलने की उम्मीद है। निवेशक PAN या आवेदन नंबर से नतीजे चेक कर सकते हैं। जानें रिफंड, डीमैट क्रेडिट, लिस्टिंग और फर्जी लिंक से बचने के तरीके।मुकेश अंबानी की कंपनी Reliance Jio Platforms के IPO में पैसा लगाने वाले निवेशकों को अब शेयर मिलने का इंतजार है। इस IPO का इश्यू साइज करीब 30,213 करोड़ रुपये था। शेयरों का प्राइस बैंड 1,065 रुपये से 1,119 रुपये प्रति शेयर रखा गया था। एक लॉट में 12 शेयर शामिल हैं। निवेशकों के लिए 26 अक्टूबर 2026 को अलॉटमेंट फाइनल होने की उम्मीद है। हालांकि, स्टेटस जारी होने का सही समय अलग हो सकता है। इसलिए आधिकारिक वेबसाइट पर अपडेट चेक करना जरूरी है।

IPO में आवेदन करने वाले हर निवेशक को शेयर मिलना जरूरी नहीं है। अलॉटमेंट निवेशकों की कैटेगरी, आवेदन की संख्या और उपलब्ध शेयरों के आधार पर होता है। अगर आपको शेयर नहीं मिलते हैं, तो आपके बैंक खाते में ब्लॉक की गई रकम रिलीज की जाएगी। वहीं, शेयर अलॉट होने पर वे आपके डीमैट खाते में जमा किए जाएंगे।

PAN नंबर से ऐसे चेक करें Jio IPO का स्टेटस

निवेशक IPO के रजिस्ट्रार KFin Technologies या शेयर बाजार की आधिकारिक वेबसाइट के जरिए अलॉटमेंट स्टेटस चेक कर सकते हैं। इसके लिए PAN नंबर, आवेदन नंबर या मांगी गई अन्य जानकारी तैयार रखें।KFin Technologies की वेबसाइट से स्टेटस चेक करने का तरीका

KFin Technologies के आधिकारिक IPO स्टेटस पेज पर जाएं।

उपलब्ध सूची में Reliance Jio Platforms IPO चुनें।

PAN नंबर या वेबसाइट पर उपलब्ध विकल्प के अनुसार आवेदन से जुड़ी जानकारी भरें।

जानकारी सबमिट करें और स्क्रीन पर दिखाई देने वाला अलॉटमेंट स्टेटस देखें।

निवेशक BSE के आधिकारिक IPO स्टेटस पेज पर भी जानकारी देख सकते हैं। NSE की वेबसाइट पर उपलब्ध IPO बिड स्टेटस सुविधा का इस्तेमाल भी किया जा सकता है। अगर अलॉटमेंट की जानकारी तुरंत नहीं दिखती, तो घबराएं नहीं। संभव है कि नतीजे अभी अपडेट नहीं हुए हों। कुछ समय बाद दोबारा जांच करें।

शेयर नहीं मिले तो कब आएगा पैसा वापस?

जिन निवेशकों को शेयर नहीं मिलेंगे, उनके लिए ब्लॉक की गई रकम अनब्लॉक करने की प्रक्रिया 27 अक्टूबर को शुरू होने की उम्मीद है। हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि हर बैंक खाते में पैसा उसी समय वापस दिखाई देने लगेगा। बैंक और भुगतान व्यवस्था के अनुसार इसमें कुछ समय लग सकता है।

अगर आपने ASBA के जरिए आवेदन किया था, तो आमतौर पर पैसा आपके बैंक खाते में ही ब्लॉक रहता है। शेयर नहीं मिलने पर उस रकम पर लगी रोक हटा दी जाती है। UPI के जरिए आवेदन करने वालों के मामले में भी संबंधित बैंक खाते में ब्लॉक रकम अनब्लॉक की जाती है।

अगर तय समय के बाद भी रकम अनब्लॉक नहीं होती, तो पहले अपने बैंक से संपर्क करें। जरूरत पड़ने पर ब्रोकर या IPO रजिस्ट्रार से भी जानकारी लें।

डीमैट खाते में कब आएंगे Jio के शेयर?

जिन निवेशकों को शेयर अलॉट होंगे, उनके डीमैट खाते में शेयर 27 अक्टूबर को क्रेडिट होने की उम्मीद है। डीमैट खाता वह डिजिटल खाता है, जिसमें शेयर इलेक्ट्रॉनिक रूप में रखे जाते हैं। निवेशक अपने ब्रोकर के ऐप या डीमैट सेवा प्रदाता के जरिए शेयरों की स्थिति चेक कर सकते हैं।

अगर अलॉटमेंट स्टेटस में शेयर मिलने की जानकारी है, लेकिन वे डीमैट खाते में दिखाई नहीं दे रहे हैं, तो कुछ समय बाद दोबारा जांच करें। इसके बाद भी शेयर क्रेडिट नहीं होते हैं, तो अपने ब्रोकर या रजिस्ट्रार से संपर्क करें।

28 अक्टूबर को शेयर बाजार में लिस्टिंग की उम्मीद

Jio Platforms के शेयरों की BSE और NSE पर लिस्टिंग 28 अक्टूबर 2026 को होने की उम्मीद है। उपलब्ध IPO कार्यक्रम के मुताबिक, लिस्टिंग के दिन सुबह प्री-ओपन सेशन के बाद सामान्य कारोबार शुरू हो सकता है। तय कार्यक्रम में सुबह 9 बजे से 9:45 बजे तक प्री-ओपन सेशन और करीब 10 बजे सामान्य कारोबार शुरू होने की संभावना बताई गई है। अंतिम समय की पुष्टि एक्सचेंज के आधिकारिक अपडेट से करें।

प्री-ओपन सेशन में शेयर की शुरुआती कीमत तय करने में खरीद और बिक्री के ऑर्डर अहम भूमिका निभाते हैं। इसलिए यह पहले से तय नहीं कहा जा सकता कि शेयर किस भाव पर लिस्ट होगा।

निवेशक IPO का ग्रे मार्केट प्रीमियम यानी GMP भी देखते हैं, लेकिन यह अनौपचारिक बाजार का संकेत है, कोई गारंटी नहीं। GMP के आधार पर यह पक्का नहीं माना जा सकता कि शेयर लिस्टिंग के दिन मुनाफा ही देगा। बाजार की स्थिति के अनुसार कीमत अनुमान से कम या ज्यादा हो सकती है।

Jio IPO के नाम पर ठगी से रहें सावधान

IPO अलॉटमेंट के दौरान निवेशकों को फर्जी लिंक और ठगी के तरीकों से भी सतर्क रहना चाहिए। Jio IPO में लोगों की दिलचस्पी का फायदा उठाकर साइबर ठग नकली वेबसाइट, मैसेज और कॉल के जरिए निवेशकों को निशाना बना सकते हैं। उनका मकसद निजी जानकारी चुराना या पैसे ठगना हो सकता है।

1. गारंटीड अलॉटमेंट का झांसा: ठग खुद को कंपनी का अधिकारी, एरिया मैनेजर या किसी अंदरूनी समूह का सदस्य बताकर दावा कर सकते हैं कि वे आपको पक्का शेयर दिला देंगे। इसके बदले वे सीधे बैंक खाते में पैसे भेजने या अतिरिक्त फीस देने को कह सकते हैं। याद रखें, कोई अनजान व्यक्ति पैसे लेकर IPO अलॉटमेंट की गारंटी नहीं दे सकता। अलॉटमेंट तय प्रक्रिया के अनुसार होता है।

2. फर्जी वेबसाइट और फिशिंग लिंक: ठग ऐसी वेबसाइट बना सकते हैं, जो देखने में किसी रजिस्ट्रार या ब्रोकरेज की आधिकारिक वेबसाइट जैसी लगे। इन पर PAN, बैंकिंग पासवर्ड, OTP या दूसरी गोपनीय जानकारी मांगी जा सकती है। किसी अनजान SMS, WhatsApp या Telegram लिंक से वेबसाइट खोलने के बजाय आधिकारिक वेबसाइट का पता खुद टाइप करें।

3. नकली स्क्रीनशॉट और अलॉटमेंट कन्फर्मेशन: ठग फर्जी स्क्रीनशॉट दिखाकर दावा कर सकते हैं कि किसी निवेशक को शेयर अलॉट हो गए या उसने बड़ा मुनाफा कमाया है। ऐसे स्क्रीनशॉट को असली सबूत न मानें। अपने आवेदन का स्टेटस केवल आधिकारिक पोर्टल पर जांचें।

अलॉटमेंट स्टेटस चेक करते समय इन बातों का रखें ध्यान

अपना स्टेटस केवल KFin Technologies, BSE या संबंधित आधिकारिक एक्सचेंज पोर्टल पर चेक करें। किसी अनजान व्यक्ति को OTP, UPI PIN, बैंक पासवर्ड या अन्य गोपनीय जानकारी न दें। अलॉटमेंट स्टेटस देखने के लिए किसी व्यक्ति को अलग से फीस देने की जरूरत नहीं है। अगर कोई कॉल करके जल्दी रिफंड दिलाने या पक्का अलॉटमेंट कराने के बदले पैसे मांगे, तो सावधान हो जाएं।

अगर आपने संदिग्ध लिंक पर बैंकिंग जानकारी दर्ज कर दी है या खाते से अनधिकृत लेन-देन हुआ है, तो तुरंत अपने बैंक से संपर्क करें। साइबर वित्तीय धोखाधड़ी की स्थिति में भारत की हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत करें और राष्ट्रीय साइबर क्राइम पोर्टल पर भी रिपोर्ट दर्ज कराएं।

अगर आपको Jio IPO के नाम पर कोई संदिग्ध कॉल या मैसेज आया है, तो पहले जांचें कि संपर्क WhatsApp, Telegram, SMS या फोन कॉल के जरिए हुआ था और आपसे क्या करने को कहा गया। पैसे ट्रांसफर करने, लिंक खोलने या गोपनीय जानकारी साझा करने का दबाव ठगी का संकेत हो सकता है।

निवेशकों को अब क्या करना चाहिए?

Jio IPO में आवेदन करने वाले निवेशकों को 26 अक्टूबर को आधिकारिक वेबसाइट पर अलॉटमेंट स्टेटस चेक करना चाहिए। इसके बाद 27 अक्टूबर को रकम अनब्लॉक होने या शेयर डीमैट खाते में क्रेडिट होने की स्थिति देखें। 28 अक्टूबर की संभावित लिस्टिंग से पहले कंपनी और एक्सचेंज के अपडेट पर नजर रखें।

अलॉटमेंट, रिफंड, डीमैट क्रेडिट और लिस्टिंग की तारीखें निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार संभावित हैं और इनमें बदलाव हो सकता है। इसलिए अंतिम जानकारी आधिकारिक स्रोतों से ही लें। शेयर मिलने के बाद उन्हें बेचना है या लंबे समय तक रखना है, इसका फैसला केवल GMP, नकली स्क्रीनशॉट या सोशल मीडिया के दावों के आधार पर न करें। कंपनी की जानकारी, बाजार की स्थिति और अपनी जोखिम उठाने की क्षमता को ध्यान में रखकर ही निवेश संबंधी फैसला लें।

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